सेबी फरमान, म्यूचुअल फंड कंपनियां वितरकों को नहीं दे सकेंगी ट्रिप ऑफर 

मुंबई- ऐसी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) कंपनियां जो सेल्स को बढ़ाने के लिए अपने वितरकों को इंसेटिव के तौर पर स्पॉन्सर्ड ट्रिप (Sponsored Trips) ऑफर कर रही हैं ऐसी फंड हाउसेज सेबी (SEBI) के रडार पर आ गई हैं। शेयर बाजार के रेग्यूलेटर सेबी ने म्यूचुअल फंड कंपनियों की संस्था एम्फी (Association of Mutual Funds in India) के साथ इसे साझा किया है। 

पिछले 10 महीने में ये दूसरा मौका है जब सेबी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को ऐसी इंसेटिव या ऑफर देने से बचने को कहा है। एम्फी ने कहा, सेबी ने फिर से हमारे संज्ञान में कुछ एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (Asset Management Companies) के प्रमोशन और प्रतियोगिता चलाने के मामले को लाया है। इसके तहत म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को बिजनेस वॉल्यूम हासिल करने के एवज में कमीशन के अलावा इंसेटिव या रिवॉर्ड ट्रिप ऑफर किया जा रहा है।

सेबी के नियमों के तहत म्यूचुअल फंड कंपनियां म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को कमीशन के अलावा किसी और प्रकार की इंसेटिव ऑफर नहीं कर सकती हैं. हालांकि कुछ म्यूचुअल फंड हाउसेज ट्रेनिंग प्रोग्राम की आड़ में स्पॉन्सर्ड ट्रिप डिस्ट्रीब्यूटर्स को ऑफर कर रही हैं।

म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स को सेल्स टागरेट हासिल करने के लिए रिवॉर्ड ट्रिप ऑफर करना रेग्यूलेटरी गाइडलाइंस के नियमों के खिलाफ है। एम्फी ने कहा कि म्यूचुअल फंड हाउसेज से ऐसे इंसेटिव ऑफर को वापस लेने की ताकीद करते हुए उन्हें इससे बचने को भी कहा गया है। 

सेबी का मानना है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स को सेल्स टारगेट हासिल करने पर इंसेटिव देने के ऑफर से मिस-सेलिंग बढ़ सकती है। 2018 में भी म्यूचुअल फंड हाउसेज को ट्रेनिंग प्रोग्राम की आड़ में किसी प्रकार के रिवॉर्ड या इंसेटिव देने से बचने को कहा गया था। अप्रैल 2023 में एम्फी ने भी फंड हाउसेज को ऐसे इंसेटिव प्रोगाम के खिलाफ लेटर लिखकर आगाह किया था। कोरोना महामारी के बाद डायरेक्ट सेलिंग बढ़ी है इसके बावजूद म्यूचुअल फंड कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स बेचने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स पर निर्भर रहना पड़ता है। 

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