टाटा मोटर्स, ह्युंडई और महिंद्रा का हाइब्रिड कारों पर टैक्स कटौती का विरोध

मुंबई- टाटा मोटर्स और इसकी प्रतिद्वंदी कंपनियों महिंद्रा एंड महिंद्रा व दक्षिण कोरिया की ह्यूंडई मोटर ने भारत सरकार से हाइब्रिड कारों पर टैक्स की दरों में किसी भी संभावित कटौती का विरोध किया है। इन कंपनियों का कहना है कि वर्तमान नीति को बनाए रखा जाना चाहिए। 

दरअसल, जापानी कार कंपनी टोयोटा ने भारत सरकार से हाइब्रिड कारों पर टैक्स कटौती की अपील की है। इसके बाद भारत के व्यापार विभाग ने पिछले महीने एक आंतरिक नोट में हाइब्रिड कारों पर करों को तर्कसंगत बनाने की अपील की थी।

भारत की शीर्ष इलेक्ट्रिक कार निर्माता टाटा मोटर्स ने टोयोटा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसने कहा कि शुद्ध इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में हाइब्रिड कारें अधिक प्रदूषण फैलाती हैं। भारत प्रदूषण को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान के हिस्से के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा दे रहा है। ईवी पर केवल 5 फीसदी टैक्स लग रहा है। हाइब्रिड पर 43 फीसदी तक टैक्स है। पेट्रोल कारों पर यह 48 फीसदी है। 

टाटा के अधिकारियों ने इस मामले में सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की है। व्यापार विभाग को पत्र लिख कर कहा है कि देश स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के साथ शहरी वायु गुणवत्ता संकट का सामना कर रहा है। हाइब्रिड को प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि उन पर पहले से ही पेट्रोल और डीजल कारों की तुलना में कम कर लगाया जाता है।

टाटा के पत्र के मुताबिक, हाइब्रिड कारों को आगे कोई भी प्रोत्साहन जलवायु लक्ष्यों और देश की अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक होगा। टाटा आयातित ईवी के लिए कम शुल्क सुनिश्चित करने के टेस्ला के प्रयासों का भी विरोध कर चुका है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक अनीश शाह ने कहा कि इस सप्ताह उन्होंने सरकार से घरेलू और विदेशी ईवी कंपनियों के बीच समान अवसर और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने की अपील की है। 

टाटा ने एक बयान में कहा कि सरकार के साथ बातचीत करना उसके नियमित कारोबारी आचरण का हिस्सा था। हमारा मानना है कि ईवी भारत के शहरी वायु प्रदूषण की महामारी से लड़ने के साथ-साथ तेल आयात को कम करने का एकमात्र समाधान है। 

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