83 लाख करोड़ हो सकता है रिलायंस, एचडीएफसी या टीसीएस का मार्केट कैप 

मुंबई- भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इक्विटी बाजार बनने से कुछ ही कदम दूर रहा गया है। ऐसे में दलाल स्ट्रीट के निवेशकों को देश के पहले डॉलर ट्रिलियन स्टॉक का इंतजार है। घरेलू ब्रोकिंग फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक 2032 तक देश को पहला ट्रिलियन डॉलर यानी 83 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाला स्टॉक मिल सकता है। इस रेस में एचडीएफसी बैंक और मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल है। 

इस मुकाम पर पहुंचने के लिए बजाज फाइनेंस के मार्केट कैप को साल 2032 तक सालाना 41.4 परसेंट की तेजी से बढ़ना होगा जबकि रिलायंस को 20.7 परसेंट और एचडीएफसी बैंक को 25.5 परसेंट की सालाना तेजी से बढ़ना होगा। अभी रिलायंस 19 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है। माना जा रहा है कि 2032 तक भारत में 30 से 40 कंपनियों का मार्केट कैप 100 अरब डॉलर से अधिक होगा।  

2001 में देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी का मार्केट कैप 10 अरब डॉलर था जो 2007 में 100 अरब डॉलर पहुंच गया। माइक्रोसॉफ्ट 2.88 लाख करोड़ डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी है। हाल में इसने आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल को पछाड़ा है। ऐपल 2.87 लाख करोड़ डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है।  

सऊदी अरामको 2.10 ट्रिलियन डॉलर के साथ इस लिस्ट में तीसरे, गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट (1.79 ट्रिलियन डॉलर) चौथे, अमेजन (1.59 ट्रिलियन डॉलर) पांचवें और एनवीडिया (1.35 ट्रिलियन डॉलर) छठे नंबर पर है। इस तरह केवल छह कंपनियां ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हैं। इस लिस्ट में रिलायंस 227.77 अरब डॉलर के साथ दुनिया की 44वीं सबसे मूल्यवान कंपनी है। 

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