अटल पेंशन योजना में मिल सकती है ज्यादा पेंशन, यह है सरकार की योजना 

मुंबई- सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए अपनी प्रमुख योजना – अटल पेंशन योजना के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन की राशि बढ़ाने पर विचार कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘हम इससे संबंधित प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। इस बारे में अंतरिम बजट में या उसके बाहर निर्णय लिए जाने की संभावना है। 

इससे पहले पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने सरकार को पत्र लिखकर अटल पेंशन योजना के तहत गारंटीशुदा पेंशन राशि बढ़ाने का अनुरोध किया था। नियामक को लगता है कि इस समय इसके तहत मिलने वाली राशि देखकर नए अंशधारक इस योजना में भागीदारी के लिए नहीं आएंगे। 

पीएफआरडीए के चेयरमैन दीपक मोहंती ने पिछले साल सितंबर में बताया था, हमने सरकार से इसकी सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। गारंटीशुदा पेंशन के लिए सरकार को बजट में प्रस्ताव करना होता है। अगर पेंशन राशि बढ़ाई जाती है तो इसके लिए रकम की व्यवस्था भी बढ़ानी होगी। ज्यादा पेंशन का वादा पूरा करने के लिए वास्तव में ज्यादा धन का इंतजाम करना होगा। इसलिए हमने न्यूनतम पेंशन राशि की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था क्योंकि मौजूदा राशि की कीमत 20 साल बाद इतनी ही नहीं रहेगी। 

यह योजना पीएफआरडीए चलाती है और अभी असंगठित क्षेत्र के 45 करोड़ लोग इसके दायरे में आते हैं। इस योजना की शुरुआत सरकार ने जून 2015 में की थी क्योंकि असंगठित क्षेत्र के कामगारों को पेंशन या स्वास्थ्य बीमा जैसा कोई सामाजिक सुरक्षा लाभ नहीं मिलती। 

18 साल की उम्र से 40 साल की उम्र तक अटल पेंशन योजना में अंशदान करने वालों को 60 साल उम्र होने पर उनके योगदान के हिसाब से 1,000 रुपये से 5,000 रुपये की पेंशन हर महीने मिलती है। 18 साल की उम्र में इस योजना में आने वाले व्यक्ति को मोटे तौर पर न्यूनतम 1,000 रुपये पेंशन पाने के लिए हर महीने 42 रुपये अंशदान करना होगा। 5,000 रुपये पेंशन पाने के लिए उसी व्यक्ति को योजना अवधि के दौरान 210 रुपये प्रति माह देने होंगे। 

न्यूनतम पेंशन की गारंटी सरकार देती है क्योंकि वह 5 साल तक तयशुदा राशि अपनी ओर से देती है। अंशदान के 50 फीसदी या 1,000 रुपये सालाना में जो भी रकम कम होती है, वह सरकार देती है। इस साल 6 जनवरी को अटल पेंशन योजना में 5.3 करोड़ से अधिक अंशधारक थे और इसके तहत 33,056 करोड़ रुपये की रकम संभाली जा रही थी। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *