एफडी में निवेश का यही है सही समय, लंबे समय में मिलेगा ज्यादा ब्याज 

मुंबई- फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी में निवेश का सबसे अच्छा मौका है। हालिया हफ्तों में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और कोटक महिंद्रा जैसे कई बैंकों ने अपनी एफडी पर ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। इससे पहले कि दरों में कटौती शुरू हो, निवेशक ब्याज के इस उच्च स्तर का लाभ उठा सकते हैं। 

बैंकों की जमा दरों में वृद्धि रीपो दर में बढ़ोतरी से कम है। एफडी दरों में वृद्धि धीमी और सिलसिलेवार रही है। इससे इनके उच्च स्तर पर पहुंचने की संभावना बनी रही। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में गिरवी के बगैर दिए जाने वाले ऋण यानी असुरक्षित ऋण पर प्रावधान की जरूरतें बढ़ा दी हैं, जिससे बैंकों को अतिरिक्त तरलता चाहिए है। 

वे अपनी जमा दरों को आकर्षक बनाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक जमा बढ़ाई जा सके। बैंकिंग प्रणाली तरलता घाटा इस समय उच्च स्तर पर है। उच्च घाटे ने बैंकों को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीडी) समेत लघु अवधि की बाजार दरें बढ़ाने को मजबूर कर दिया है।’ इसके बाद बैंकों ने जमा बढ़ाने एवं देनदारियों को संतुलित करने के लिए अपनी लघु अवधि वाली एफडी पर भी दरें बढ़ा दी हैं। 

इस समय एफडी दरें व्यापक तौर पर उच्च स्तर पर बनी हुई हैं। शेट्टी कहते हैं, ‘यहां से कुछ बैंक विशेष अवधि के लिए दरों में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी कर सकते हैं। एक बार रीपो दर घटनी शुरू हो जाए तो एफडी दरें भी घटेंगीं। हालांकि यह घटोतरी धीरे-धीरे होगी। 

अधिकांश बैंक एक से दो साल की अवधि के लिए और कुछ बैंक दो से तीन साल की अवधि के लिए आकर्षक ब्याज दरें पेश करते हैं। अपने नकद की आवश्यकताओं के हिसाब से वह अवधि चुनें जो आपके लिए सही हो। 

अमूमन लंबी अवधि वाले एफडी पर अधिक रिटर्न मिलता है। फिर भी दो-तीन साल से ज्यादा अवधि वाला उचित नहीं है। शेट्टी का कहना है, ’10 साल के लिए भी एफडी मौजूद है मगर उनमें निवेश करने से बचना चाहिए। अगर आप इतनी लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो आप इक्विटी म्युचुअल फंड (एमएफ) में भी निवेश कर सकते हैं, जहां आपको करीब दोगुना रिटर्न मिल सकता है।’ 

इनमें से कई बैंक बचत खाते पर ही 7 फीसदी या उससे अधिक की ब्याज दर पेश करते हैं। ऐसे बचत खातों पर आपको छोटी अवधि वाले एफडी की तुलना में अधिक रिटर्न मिलता है। फिलहाल कई एसएफबी और कई निजी बैंक भी एफडी पर 8 फीसदी या उससे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। 

अब रिजर्व बैंक ने एसएफबी को भी सूचीबद्ध बैंकों की श्रेणी में रखा है। इसलिए हर जमाकर्ता को 5 लाख के तक के जमा (सावधि, आवर्ती जमा और चालू एवं बचत खाता सहित) राशि के लिए बीमा कवर दिया जाता है।’ निवेशकों को एसएफबी में एफडी का अधिक निवेश नहीं करना चाहिए। 

कॉरपोरेट एफडी बैंक एफडी की तुलना में अधिक रिटर्न दे सकते हैं। इनक्रेड मनी के मुख्य कार्य अधिकारी विजय कुप्पा ने कहा, ‘आप जिस गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी) में निवेश करना चाह रहे हैं उसकी दीर्घावधि की क्रेडिट रेटिंग पर गौर करें। एए और इससे अधिक की क्रेडिट रेटिंग मजबूत सुरक्षा दर्शाती है।’ 

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