बीमा कंपनियां अब यूलिप में टर्म इंश्योरेंस का तड़का लगाकर बेच रहीं माल 

मुंबई-बीमा खरीदने वालों की पसंद तेजी से बदल रही है। खास तौर से लाइफ इंश्योरेंस के मामले में। टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी के कद्रदान बीते वक्त में कम रहे हैं। इस पॉलिसी में प्रीमियम कम, जबकि कवरेज ज्यादा है। वक्त बीतने के साथ टर्म पॉलिसी की डिमांड धीरे-धीरे ही सही, बढ़ रही है।  

इस तरह की डिमांड को देखते हुए बीमा कंपनियां अपने पुराने प्रॉडक्ट्स में टर्म इंश्योरेंस को जोड़कर उन्हें नए रूप में पेश कर रही हैं। टर्म इंश्योरेंस को जीवन बीमा के सबसे शुद्ध और आसान प्रॉडक्ट के तौर पर देखा जाता रहा है। इसमें बीमित व्यक्ति के जीते जी प्रीमियम की रकम वापस नहीं होती। लेकिन मौत के बाद बड़ा कवरेज मिलने की उम्मीद रहती है। 


इसके मुकाबले ट्रेडिशनल पॉलिसी में बीमे के साथ रिटर्न भी मिलता है, लेकिन बीमा कवरेज कम हो जाता है। इसे ज्यादातर लोग पसंद करते हैं। इंश्योरेंस कंपनियों ने ज्यादा रिटर्न का वादा कर ULIP भी बेचा, जिसमें बीमे के प्रीमियम को शेयर या बॉण्ड में निवेश किया जाता है। एक अनुमान है कि टर्म इंश्योरेंस के मुकाबले ULIP की बिक्री चार गुना ज्यादा है। बीमा और निवेश को मिक्स करने का चलन है। लोगों को इस बारे में जागरूक किए जाने की जरूरत है। 

कोविड के बाद लोगों ने बड़े बीमा कवरेज की जरूरत को महसूस किया। फाइनैंशल इन्फ्लुएंसरों ने भी टर्म इंश्योरेंस को एक जरूरी प्रॉडक्ट के तौर पर प्रोजेक्ट किया। फिर इसकी इन्क्वायरी बढ़ने लगी। टर्म इंश्योरेंस की ग्रोथ रेट अब 10 पर्सेंट से ज्यादा है। कोटक लाइफ ने यूलिप और टर्म इंश्योरेंस को मिलाकर TULIP की शुरुआत की है, जिसमें व्यक्ति अपनी पसंद के हिसाब से टर्म इंश्योरेंस जैसा बड़ा कवरेज चुन सकता है। इसी पॉलिसी में यूलिप की भी सुविधाएं मौजूद हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशल ने भी कुछ समय पहले इस प्रकार का प्रॉडक्ट पेश किया था। कई और कंपनियों की भी इस पर नजर है।

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