विश्व बैंक का अनुमान, वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4 फीसदी रह सकती है भारत की जीडीपी 

मुंबई- विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी GDP ग्रोथ के अनुमान को 6.4% पर बरकरार रखा है। अपनी हाफ-इयरली ‘ग्लोबल इकोनॉमिक रिपोर्ट’ में बैंक ने यह अनुमान जारी किया है। 

वित्तीय संस्था ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए भी GDP ग्रोथ को 6.5% रहने का अनुमान लगाया है। वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा है कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ेगी। वर्ल्ड बैंक का यह प्रोजेक्शन मुख्य रूप से डोमेस्टिक डिमांड में भारी बढ़ोतरी, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और स्ट्रॉग प्राइवेट सेक्टर क्रेडिट ग्रोथ से प्रभावित है। हालांकि वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा है कि उच्च खाद्य महंगाई और पेंटअप डिमांड में कमी के चलते प्राइवेट कंजम्पशन ग्रोथ कम रह सकती है। 

इसी महीने नेशनल स्टेटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) ने अपने पहले एडवांस एस्टीमेट में 31 मार्च को खत्म होने वाले मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.3% की रेट से बढ़ने का अनुमान लगाया है। 

एक महीने पहले S&P ग्लोबल ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए भारत के GDP ग्रोथ एस्टिमेट को 6% से बढ़ाकर 6.4% कर दिया था। संस्था ने तब मजबूत डोमेस्टिक मोमेंटम को इसका कारण बताया। हालांकि, वित्तीय वर्ष 2025 (अप्रैल 2024 – मार्च 2025) के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 6.9% से घटाकर 6.4% कर दिया है। S&P ग्लोबल को लगता है कि सेकेंड हाफ में ग्रोथ धीमी हो सकती है, इसीलिए उसने अपना GDP अनुमान घटाया है। 

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