कमाई का 51 पर्सेंट हिस्सा लोन का ब्याज भरने में कर दे रहे हैं लोग खर्च, ये है आंकड़ा 

मुंबई-होम लोन लेकर जो लोग अपने सपनों का आशियाना खरीदते हैं उनके आय का बड़ा हिस्सा ईएमआई के भुगतान में ही खर्च हो जाता है। पर आपको ये जानकार हैरानी होगी कि सपनों के शहर मुंबई में जो लोग होम लोन लेकर घर खरीदते हैं उनके आय का 50 फीसदी से ज्यादा रकम होम लोन के ईएमआई के भुगतान में ही चला जाता है। 

हाल में रियल एस्टेट कंसलटेंट नाइट फ्रैंक इंडिया ने प्रोप्राइटरी अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स (Knight Frank India’s Proprietary Affordability Index) को लेकर एक रिपोर्ट जारी किया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश का सबसे महंगा रेसिडेंशियल हाउसिंग मार्केट मुंबई है। नाइट फ्रैंक के मुताबिक मुंबई की अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स 50 फीसदी के ऊपर है यानि मुंबई वासियों के इनकम का 50 फीसदी से ज्यादा रकम होमलोन के ईएमआई में खर्च हो जाता है।  

2023 में मुंबई के होमबायर्स को अपने इनकम का 51 फीसदी रकम ईएमआई के भुगतान में खर्च करना पड़ा है। हालांकि साल 2022 के मुकाबले इसमें सुधार आया है जब लोगों को अपने इनकम का 53 फीसदी रकम ईएमआई के भुगतान में खर्च करना पड़ रहा था। हालांकि कोरोना महामारी के पूर्व वर्ष 2019 में मुंबई का अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स 67 फीसदी था। यानि बीते चार वर्ष में अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स में 16 फीसदी का सुधार देखने को मिला है। 

मुंबई के दूसरे सबसे महंगा रेसिडेंशियल मार्केट हैदराबाद है. हैदराबाद का अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स साल 2023 में 30 फीसदी रहा है। साल 2022 में भी ये 30 फीसदी ही रहा था। हैदराबाद के होमबायर्स के अपने इनकम का 30 फीसदी ईएमआई के भुगतान में खर्च करना पड़ रहा है। हैदराबाद में 2023 में प्रॉपर्टी की कीमतों में 11 फीसदी का उछाल देखने को मिला है. अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स में दिल्ली एनसीआर तीसरे स्थान पर है। इस क्षेत्र में घर खरीदारों को 2023 में इनकम का 27 फीसदी ईएमआई के भुगतान में खर्च करना पड़ा है।  

हालांकि 2022 के मुकाबले इसमें सुधार आया है जब 29 फीसदी रकम ईएमआई भुगतान में खर्च करना पड़ रहा था। बेंगलुरु वाइट फ्रैंक के 26 फीसदी अफोर्डेबलिटी इंडेक्स के साथ चौथे स्थान पर है। 2023 में बेंगलुरु में घर खरीदारों को इनकम का 26 फीसदी रकम ईएमआई के भुगतान में खर्च करना पड़ा है। 2022 में ये लेवल 27 फीसदी था. अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स में चेन्नई 2023 में 25 फीसदी के साथ पांचवें स्थान पर है जिसमें 2022 के मुकाबले 2 फीसदी का सुधार आया है।  

नाइट फ्रैंक इंडिया के अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स के मुताबिक अहमदाबाद का हाउसिंग मार्केट सबसे अफोर्डेबल मार्केट में शामिल है। अहमदाबाद के लोगों को अपने आय का केवल 21 फीसदी रकम ही होम लोन की ईएमआई के भुगतान में खर्च करना पड़ रहा है। अहमदाबाद के बाद सबसे अफोर्डेबल मार्केट में कोलकाता दूसरे स्थान पर है। पिछले साल कोलकाता के लोगों को अपने इनकम का 24 फीसदी रकम होम लोन की ईएमआई पर खर्च करना पड़ा है। पुणे के घर खरीदारों को भी अपने इनकम का 24 फीसदी रकम ईएमआई के भुगतान पर खर्च करना पड़ रहा है। 

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