बजट में इस बार बड़ी-बड़ी बातें होंगी, पर आपको कोई राहत मिलने वाली नहीं 

मुंबई- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को 2023-24 के लिए अंतरिम बजट पेश करेंगी। पूर्ण बजट चुनाव के बाद जुलाई में पेश किया जाएगा। इस बजट में बड़ी-बड़ी बातें तो होंगी, लेकिन राहत की उम्मीद कम है। अंतरिम बजट में किसी बड़े धमाके की उम्मीद न करें। वित्त मंत्रियों को छोटी-मोटी रियायतें देने के लिए जाना जाता है, लेकिन अधिकतर उन्होंने जुलाई में होने वाले पूर्ण बजट के लिए इसे आरक्षित रखते हुए अपने पास रखा है।  

अंतरिम बजट को सबसे उबाऊ बजट माना जाता है, जो 2023-24 में अनुमानित राजस्व और व्यय के विवरण से थोड़ा ज्यादा प्रदान करता है। ऐसा नहीं माना जाता है कि इसमें ऐसे कर परिवर्तन होंगे जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं। फिर भी अगर पार्टी दोबारा चुनी जाती है तो भविष्य के बारे में वादे किए जा सकते हैं। आम चुनाव मई में होने वाले हैं और सरकार का हर छोटा वादा ध्यान आकर्षित करेगा। अंतरिम बजट उबाऊ होने की भविष्यवाणियों के बावजूद एक प्रमुख मीडिया कार्यक्रम होगा। 

किसी भी देश में भारत जितना बड़ा बजट मीडिया इवेंट नहीं होता है। साल 1991 में आर्थिक उदारीकरण से पहले, भारतीय बजट सीमित दर्शकों तक पहुंचता था। इसके बाद अगले दिन कुछ स्पष्टीकरण और चर्चा होती थी। यही सबकुछ था, लेकिन जब मनमोहन सिंह ने 1991 में अपना पहला बजट पेश किया, तो यह सिर्फ एक बजट से कहीं ज्यादा था। यह बड़े आर्थिक सुधारों की घोषणा करने और अब तक प्रचलित लाइसेंस-परमिट राज के पूरे रास्ते को बदलने का अवसर था। 

1 फरवरी को पेश होने वाला अंतरिम बजट, टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। केंद्र सरकार न्यू इनकम टैक्स रिजीम के तहत टैक्स छूट को मौजूदा 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये कर सकती है।  

आसान भाषा में कहा जाए तो इसका मतलब यह होगा कि 50,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद 8 लाख रुपये की आय वाले व्यक्ति को 2024-25 से कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बदलाव के लिए वित्त विधेयक (Finance Bill) ला सकती हैं। 

बजट 2023 में, सरकार ने न्यू इनकम टैक्स रिजीम के तहत छूट (rebate) को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दिया। मूल छूट सीमा (basic exemption limit) भी पहले के 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई थी। सरकार ने फैमिली पेंशन के लिए 15,000 रुपये की कटौती (deduction) भी शुरू की। 

 

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