महिलाएं भी ले रहीं जमकर बीमा, 2022-23 में खरीदीं हैं 97 लाख पॉलिसी

मुंबई– देश के 50 लाख करोड़ रुपये के बीमा उद्योग में महिलाएं भी जमकर पॉलिसी खरीद रही हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में महिलाओं ने 97.38 लाख बीमा पॉलिसी खरीदी हैं। इस दौरान बीमा कंपनियों ने कुल 2.84 करोड़ पॉलिसियों की बिक्री की थी। 

भारतीय बीमा विकास विनियामक प्राधिकरण (इरडाई) की हालिया जारी सालाना रिपोर्ट के अनुसार, बीमा खरीदने में महिलाओं की हिस्सेदारी 34.20 फीसदी है। 2021-22 में यह हिस्सेदारी 34.7 फीसदी थी। आबादी में इनकी हिस्सेदारी 49 फीसदी है। ऐसे में अभी भी बीमा कंपनियों के लिए एक बहुत बड़ा ग्राहक आधार है, जिसे वह पॉलिसी बेच सकती हैं। जीवन बीमा कंपनियां महिला आबादी की बढ़ती मांगों को पूरा करके इस अवसर पर आगे बढ़ रही हैं। पर्याप्त जीवन बीमा कवरेज प्रदान करने के लिए उपयुक्त उत्पाद भी पेश कर रहे हैं। 

रिपोर्ट के अनुसार, देश की आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं का योगदान अच्छा है और यह हर साल तेजी से बढ़ रहा है। कर्नाटक 44.23 फीसदी हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर है। जबकि 43.96 फीसदी के साथ केरल दूसरे स्थान पर है। 42.97 फीसदी के साथ मिजोरम तीसरे स्थान पर है। 

बीमा उद्योग में कुल 24.43 लाख एजेंट हैं। इसमें से 7.45 लाख महिला एजेंट हैंं। यानी 28.35 फीसदी हैं। निजी जीवन बीमा कंपनियों में महिला एजेंटों की हिस्सेदारी 57.33 फीसदी जबकि सरकारी में यह 42.67 फीसदी है। 

इरडाई ने बीमा विस्तार योजना को गांव तक ले जाने के लिए बीमा वाहक की योजना बनाई है। 2024 के अंत तक देश के हर ग्राम पंचायत में बीमा वाहक नियुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इंश्योरेंस कंपनियां मुख्य रूप से महिलाओं को बीमा वाहक के रूप में नियुक्त करेंगी। बीमा विस्तार योजना का प्रीमियम काफी कम होगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस उत्पाद को खरीद सकें।  

2047 तक बीमा के दायरे में हर नागरिक को लाने का लक्ष्य है। ग्रामीण इलाके में बीमा वाहकों की नियुक्ति करने से बीमा की पैठ बढ़ेगी, क्योंकि गांव का स्थानीय व्यक्ति स्थानीय लोगों की जरूरतों को समझता है। बीमा वाहक स्थानीय भाषा में उन्हें बीमा के फायदे बताने में सक्षम होगा।बीमा वाहक एक साथ कई कंपनियों के बीमा उत्पाद बेच सकेंगे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *