बैंकों को बिना दावे की राशि के ग्राहकों का पता लगाने को चलाना होगा अभियान

मुंबई। रिजर्व बैंक ने बैंकों में पड़ी बिना दावे वाली रकम को लेकर नया दिशानिर्देश जारी किया है। इसके मुताबिक, बैंकिंग प्रणाली में ऐसी रकम को कम करने और इनके सही दावेदारों का पता लगाना होगा। इसके लिए ग्राहकों को ईमेल, पत्र या एसएमएसस भेजना होगा। बैंकों को ऐसे खातों वाले ग्राहकों का पता लगाने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाना होगा। 

आरबीआई ने कहा, समय-समय पर समीक्षा से ऐसे खातों व जमाओं के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। यदि दो वर्ष से अधिक की अवधि तक ऐसे खाते में कोई लेन देन नहीं होता है, तो बचत या चालू खाते को निष्क्रिय माना जाएगा।  

यदि निष्क्रिय खाते या जमा धारक का पता नहीं चल पा रहा है, तो बैंक उस खाते के परिचयकर्ता को तलाशेंगे, जिसकी जानकारी खाता खोलते समय फॉर्म में दी गई हो। साथ ही खाते के नॉमिनी को भी तलाशना होगा। भारतीय बैंकों में मार्च, 2023 तक 42,472 करोड़ रुपये की रकम बिना दावे की पड़ी है। मार्च, 2022 तक यह 32,934 करोड़ रुपये थी। यह रकम सरकारी और निजी बैंकों में है। 

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