धीरूभाई अंबानी ने शेयरों में खेल खेलने वाले दलालों पर ऐसे लगाई रोक 

मुंबई- देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के फाउंडर धीरूभाई अंबानी का जन्म 28 दिसंबर 1932 को हुआ था। अंबानी ने जब बिजनस की दुनिया में कदम रखा तो न उनके पास न तो पुश्तैनी संपत्ति थी और न ही बैंक बैलेंस। लेकिन लाइसेंस राज के दौर में अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया जिसकी मिसाल कम ही देखने को मिलती है। रिलायंस इंडस्ट्रीज आज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है।

धीरूभाई की मृत्यु 6 जुलाई 2002 को हुई। वह गुजरात के एक छोटे से गांव चोरवाड में स्कूल टीचर हीराचंद गोवरधनदास अंबानी के तीसरे बेटे थे। धीरूभाई का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, इसलिए उन्होंने बचपन से ही परिवार की आर्थिक मदद शुरू कर दी थी। धीरूभाई केवल हाईस्‍कूल तक की पढ़ाई पूरी कर पाए और इसके बाद उन्होंने छोटे-मोटे काम करना शुरू कर दिया। वह गिरनार की पहाड़ियों के पास पकौड़े बेचा करते थे।  

धीरूभाई 16 साल की उम्र में नौकरी के लिए यमन चले गए। वहां उन्होंने एक पेट्रोल पंप पर नौकरी की। उनके काम को देखते हुए कंपनी ने उन्हें फिलिंग स्टेशन में मैनेजर बना दिया। लेकिन कुछ साल नौकरी करने के बाद धीरूभाई साल 1954 में भारत आ गए। 

धीरूभाई ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से अपनी कारोबारी यात्रा शुरू की। 1958 में उन्होंने 15 हजार रुपये की पूंजी के साथ रिलायंस कमर्शियल कॉरपोरेशन नाम से ऑफिस खोला और खुद को एक मसाला व्यापारी के रूप में लॉन्च किया। उनके ऑफिस में एक मेज, दो कुर्सियां, एक राइटिंग पैड, एक पेन, एक इंकपॉट, पीने के पानी के लिए एक घड़ा और कुछ गिलास थे। उनके ऑफिस में कोई फोन नहीं था, लेकिन वह अपने पास के एक डॉक्टर को पैसा देकर उसके फोन का इस्तेमाल करते थे।  

पहले दिन से ही धीरूभाई ने मुंबई थोक मसाला बाजार में घूमना शुरू कर दिया था और तत्काल डाउन पेमेंट की शर्त पर थोक खरीद के लिए विभिन्न उत्पादों की कोटेशन इकट्ठा किए। कुछ समय बाद उन्हें लगा कि मसालों की बजाय अगर सूत का व्यापार करें, तो अधिक फायदा होगा। उन्होंने नरोदा में कपड़ा मिल शुरू की। यहां से उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।  

धीरूभाई ने विमल ब्रांड की शुरुआत की जो कि उनके बड़े भाई रमणिकलाल अंबानी के बेटे विमल अंबानी के नाम पर रखा गया था। 1977 में वह कंपनी का आईपीओ लाए और 58,000 से ज्यादा निवेशकों ने इसमें हिस्सा लिया। स्टॉक मार्केट में दलालों ने उन्हें काफी परेशान करने की कोशिश की, लेकिन धीरूभाई अंबानी ने ऐसा दाव चला कि उनकी वजह से स्टॉक मार्केट तीन दिन तक बंद रहा। 

रिलायंस के शेयरों के भाव सबसे ऊंचे हो गए। जिन बिकवाली दलालों ने चाल चली थी, उन्हें अंबानी के सामने नतमस्तक होना पड़ा। 90 का दशक आते-आते उनके साथ 24 लाख निवेशक जुड़ चुके थे। तब रिलायंस की सालाना आम बैठक मुंबई के स्टेडियम में हुआ करती थी। धीरूभाई अंबानी कंपनी की एजीएम में रॉकस्टार की तरह आते थे। 

मई 1985 में उन्होंने मुंबई के कूपरेज फुटबॉल ग्राउंड्स को किराये पर लिया था। इसमें रिलायंस की एजीएम आयोजित की गई और 1984 के नतीजे पेश किए गए। इसमें करीब 12,000 शेयरहोल्डर्स ने भाग लिया था। कई तो ग्राउंड पर बैठे हुए थे। यह देश में किसी कंपनी के शेयरहोल्डर्स की सबसे बड़ी मीटिंग थी। 

यमन में बर्मा शैल कंपनी में काम करने के दौरान ही धीरूभाई ने पेट्रोकेमिकल कंपनी बनाने का लक्ष्य तय किया था, जिसे बहुत ही कम समय में उन्होंने पूरा किया। एक बार बाढ़ आ जाने से गुजरात में पातालगंगा नदी के किनारे स्थित उनका पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट पूरी तरह से तहस-नहस हो गया। तब मुकेश अंबानी ने सयंत्र को तकनीकी सपोर्ट देने वाली अमेरिकी कंपनी डुपोंट के इंजीनियरों से पूछा कि क्या प्रोजक्ट के दो सयंत्र 14 दिन में दोबारा शुरू हो सकते हैं, तो उन्होंने इसमें कम से कम एक महीना समय लगने की बात कही। 

धीरूभाई को मुकेश अंबानी ने जब फोन पर यह बात बताई तो उन्होंने उन इंजीनियरों को तुरंत वहां से रवाना करने को कहा। धीरूभाई का कहना था कि उनकी सुस्ती से दूसरे लोगों पर भी नेगेटिव असर पड़ेगा। इसके बाद दोनों सयंत्र तय योजना से एक दिन पहले ही शुरू हो गए। जब यह बात डुपोंट इंटरनेशनल के चेयरमैन रिचर्ड चिनमन को पता चली तो वे भी हैरान हो गए। उन्होंने कहा कि अमेरिका में इस तरह का प्लांट बनाने में कम से कम 26 महीने लगते, जबकि इस प्लांट को सिर्फ 18 महीने में ही शुरू कर दिया गया था। 

पिता धीरूभाई अंबानी ने अपने खून-पसीने से सींच कर जिस कंपनी को खड़ा किया, उनके बेटे मुकेश अंबानी ने अब उसे टॉप पर पहुंचा दिया। आज रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों ने रिलायंस के जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया है। टेलिकॉम और रिटेल में तहलका मचाने के बाद रिलायंस अब मीडिया और एंटरटेनमेंट की दुनिया हिलाने की तैयारी में है। हाल में उसके डिज्नी के साथ इस बारे में एक एग्रीमेंट किया है। मुकेश अंबानी आज भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस हैं। 

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