लोन जल्दी पाने के लिए सही कर लें क्रेडिट स्कोर, ये है इसका तरीका 

मुंबई- जल्द और सस्ता क्रेडिट पाने की किसी भी क्षमता काफी हद तक क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है और इसलिए समय-समय पर अपने क्रेडिट स्कोर की निगरानी करना जरुरी है। बोल-चाल की भाषा में बोला जाए तो, यह दर्शाता है कि कर्ज लेने वाला समय पर भुगतान करता है और उसका रिकॉर्ड भी दुरुस्त है। 

किसी भी व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर 300 से 900 पॉइंट्स के बीच होता है और यह आपकी साख यानी फाइनेंशियल स्टेबिलिटी को दर्शाने के साथ कर्ज देते समय रिस्क का वेल्यूशन करने में ऋण देने वाली कंपनियों की मदद करता है। स्कूल-कॉलेज की तरह क्रेडिट स्कोर में भी हाई स्कोर बहुत महत्वपूर्ण होता है। जितने ज्यादा आपके पॉइंट होंगे, यह उतनी ही बेहतर फाइनेंशियल स्थिरता और कम जोखिम का संकेत देता है। 


क्रेडिट स्कोर हमारी फाइनेंशियल स्थिरता को को दिखाता है। हाई क्रेडिट स्कोर से लोन या कर्ज मिलना आसान हो जाता है। इतना ही नहीं अच्छे क्रेडिट स्कोर वालों को अन्यों की तुलना में बेहतर इंटरेस्ट रेट भी मिलता है।  

क्रेडिट कार्ड का बिल भुगतान हमेशा समय पर करें और हो सके तो कुछ दिन पहले ही कर दें। देरी से भुगतान करने पर पेनल्टी और इंटरेस्ट तो लगेगा ही, साथ में आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो जाएगा। यह सुनिश्चित करना कि आप सभी क्रेडिट भुगतान समय पर करें, आपके क्रेडिट स्कोर को बनाए रखने और सुधारने के लिए महत्वपूर्ण है

सिक्योर्ड और unsecured कर्ज का संतुलित मिश्रण, जिम्मेदार उधार लेने के व्यवहार को दर्शाता है और आपके क्रेडिट स्कोर में पॉजिटिव सुधार करता है। नियमित रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की निगरानी करने से आपको किसी भी खामी की पहचान करने में मदद मिल सकती है, जिससे आप समय पर कदम उठा सकेंगे और अपने क्रेडिट स्कोर पर पड़ने वाले नेगेटिव प्रभावों से बच सकेंगे। 

नए कार्ड या लोन के लिए समय-समय पर अप्लाई करने से बचना चाहिए। क्रेडिट के लिए तभी आवेदन करें जब आपको इसकी आवश्यकता हो। पुराने अकाउंट को बनाए रखना और लगातार समय पर भुगतान करना आपके क्रेडिट स्कोर पर पॉजिटिव प्रभाव डालता है। ऐसा इसलिए क्योंकि एक लंबी क्रेडिट हिस्टरी उधारदाताओं के प्रभावी तरीके से क्रेडिट मैनेजमेंट को दर्शाता है। 

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