181 एसएमई आईपीओ ने 2023 में जुटाए 4,643 करोड़, अच्छा रिटर्न मिला 

मुंबई- छोटे व मझोले उद्यमों का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (एसएमई आईपीओ) साल 2023 में नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया। साल 2023 में 181 कंपनियों ने एसएमई आईपीओ के जरिये 4,643 करोड़ रुपये जुटाए।  

पिछला सर्वोच्च स्तर 2018 में देखा गया था, जब 141 कंपनियों ने 2,287 करोड़ रुपये जुटाए थे। साल 2023 में एसएमई आईपीओ की रिकॉर्ड संख्या की वजह खुदरा निवेशकों का उत्साह है, जिसे सूचीबद्धता के बाद के मजबूत प्रदर्शन से सहारा मिला है।

एचएनआई और अन्य निवेशकों ने एसएमई आईपीओ का रुख कर दिया क्योंकि मुख्यबोर्ड के आईपीओ साल की शुरुआत में न के बराबर थे। साल के पहले दो महीने में कोई मुख्य आईपीओ नहीं आया, वहीं एसएमई एक्सचेंजों ने इस अवधि में 21 इश्यू देखे। 

एसएमई आईपीओ की तरफ से मिले रिटर्न ने ज्यादा निवेशकों को आकर्षित किया। बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर कंपनियों के प्रदर्शन की माप करने वाला बीएसई एसएमई आईपीओ इंडेक्स इस साल अब तक 93 फीसदी चढ़ा है। 181 एसएमई आईपीओ में से 59 की ट्रेडिंग शुक्रवार तक अपन इश्यू प्राइस से 100 फीसदी प्रीमियम पर हो रही थी। 

साथ ही 109 अन्य शेयर अपने इश्यू प्राइस से 20 फीसदी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। अगर आपको आवंटन मिलता है तो रकम दोगुना या तीन गुना होने की संभावना काफी ज्यादा होती है। कई एसएमई आईपीओ इस साल काफी ज्यादा कमाई वाले बन गए। जिन्होंने इस सेगमेंट में निवेश किया उन्होंने पिछले 12-18 महीने में खासी कमाई की, लिहाजा अन्य निवेशकों का इस ओर रुख करना स्वाभाविक था। 

सटोरिया गतिविधियों में कमी लाने के लिए एसएमई स्टॉक एक्सचेंजों ने निगरानी की बेहतर व्यवस्था की और मेनबोर्ड का रुख करने वालों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए। एसएमई प्लेटफॉर्म का आगाज 2012 में हुआ और इसका परिचालन मेनबोर्ड से अलग होता है और यहां अलग नियम लागू हैं। 

एसएमई इश्यू के लिए आवेदन का न्यूनतम आकार करीब एक लाख रुपये है जबकि मेनबोर्ड के इश्यू के लिए 15,000 रुपये। मोटी रकम लगाने की बाध्यता खुदरा निवेशकों को हतोत्साहित करने के लिए है, लेकिन यह अवरोधक नहीं रह पाया क्योंकि ज्यादातर निवेशक एक लाख या उससे ज्यादा की बोली लगाने को लेकर सहज हैं। 

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