जनधन के 10 करोड़ खाते बंद, 12 हजार करोड़ रुपये का कोई मालिक नहीं 

मुंबई- केंद्र सरकार की ओर से आम लोगों को बैंक से जोड़ने के लिए शुरू की गई जनधन योजना (PM Jan Dhan Yojana) में अब तक 51 करोड़ से ज्यादा अकाउंट खुले हैं। इनमें से 10 करोड़ से ज्यादा बैंक अकाउंट डीएक्टिव हो चुके हैं। इन बंद हुए बैंक अकाउंट में करीब 12 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। इन रुपयों को लेने वाला कोई नहीं है, 

इस योजना के जरिए गांव के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को फाइनेंशियल सिस्टम से जोड़ा गया है। इस योजना ने गरीबों को सरकारी योजना में फायदा दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। जनधन खातों ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम की सफलता में बड़ा योगदान दिया था। मोदी सरकार की जनधन योजना (PM Jan Dhan Yojana) काफी लोकप्रिय है। 

गरीबों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ देने के लिए साल 2014 में इसकी शुरुआत की गई थी। कोई भी गरीब इसमें अपना खाता खुलवा सकता है। बंद हुए 10 करोड़ जनधन अकाउंट में 12,779 करोड़ रुपये जमा हैं। इन बंद खातों में 4.93 करोड़ अकाउंट महिलाओं के हैँ।  

जानकारी के मुताबिक, देश में करीब 51.11 करोड़ पीएम जनधन खाते हैं। इन खातों के बंद होने के कई कारण हैं। इसका अकाउंट होल्डर्स से कोई सीधा संबंध नहं है। कई महीनों से खातों में ट्रांजेक्शन नहीं करने के कारण भी खाते बंद हुए हैं। 

आरबीआई के दिशानिदेर्शों के मुताबिक, अगर खाते में दो साल से ज्यादा समय तक कस्टमर कोई लेनदेन नहीं करता है तो बचत और चालू खाते को निष्क्रिय माना जाता है। बैंक इन निष्क्रिय खातों के प्रतिशत को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। जनधन खातों में न्यूनतम राशि रखने की जरूरत नहीं पड़ती है। 

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