रिन्यूएबल एनर्जी में 16.5 अरब डॉलर का होगा निवेश, 83 फीसदी की वृद्धि  

मुंबई- रिन्यूएबल एनर्जी में अगले साल 16.5 अरब डॉलर के निवेश की उम्मीद है। एक साल पहले की तुलना में यह 83 फीसदी ज्यादा होगा। बिजली मंत्रालय के अनुसार, देश कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए ऊर्जा परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिससे निवेश में तेजी आएगी। 

मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य है। साथ ही जीवाश्म ईंधन से बिजली उत्पादन क्षमता को 50 फीसदी से कम करने का लक्ष्य है। भारत ने 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य निर्धारित किया है। 

भारत में 2024 में 1,37,500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 25 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ने की संभावना है। 2023 में 13.5 गीगावॉट क्षमता पर 74,250 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। सौर और पवन ऊर्जा के अलावा, भारत ने जीवाश्म ईंधन, मुख्य रूप से डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए बड़े पैमाने पर हरित हाइड्रोजन पर ध्यान बढ़ाया है। 

ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन योजना (पहले चरणI) के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप के तहत 21 कंपनियों ने 3.4 गीगावॉट के इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण के लिए प्रोत्साहन और 14 कंपनियों ने 5,53,730 टन के हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए बोली लगाई है। 

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