450 करोड़ रुपये के घर में रहते हैं आरबीआई गवर्नर, चार लाख है वेतन 

मुंबई- बैंकिंग सेक्टर के रेग्यूलेटर भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रहे रघुराम राजन ने बतौर गवर्नर पद पर रहते हुए मिलने वाली सैलेरी का खुलासा किया है। रघुराम राजन ने बताया कि आरबीआई गवर्नर पद पर रहते हुए उन्हें 4 लाख रुपये मासिक वेतन मिला करता था। राजन ने कहा, आरबीआई गवर्नर के तौर पर उन्हें मिल रही सैलेरी से ज्यादा मिला सरकारी घर सबसे ज्यादा मायने रखता था।

एक बातचीत में रघुराम राजन ने कहा, आज आरबीआई गवर्नर की कितनी सैलेरी है इसकी उन्हें जानकारी नहीं है लेकिन उनके दौर में 4 लाख रुपये सैलेरी मिलती थी। रघुराम राजन ने कहा, पर सबसे बड़ा पर्क आरबीआई गवर्नर का सरकारी घर है जो कि बहुत बड़ा है और मालाबार हिल में देश के दिग्गज उद्योगपति रहे धीरुभाई अंबानी के घर से कुछ ही दूरी पर आरबीआई गवर्नर का घर है।

रघुराम राजन ने कहा, उन्होंने एक बार कैलकुलेशन किया, अगर इस घर को बेच दिया जाए या लीज पर दे दिया जाए जैसे पोर्ट अथॉरिटी के साथ लॉन्ग टर्म लीज है जिससे 450 करोड़ रुपये मिलते हैं। अगर इसे निवेश कर दें तो आरबीआई के टॉप अधिकारियों की सैलेरी को आसानी से दे सकते हैं। जब उनसे पूछा गया कि आरबीआई गवर्नर के लिए 4 लाख सैलेरी पर्याप्त है? तो उन्होंने कहा कि ये दूसरे सरकारी अधिकारी जैसे कैबिनेट सेक्रेटरी के समान है।  

उन्होंने कहा कि दूसरे सरकारी अधिकारियों के समान पेंशन नहीं मिलता है। पर मेडिकल सुविधाएं मिलती है. उन्होंने बताया कि उन्हें भी पेंशन नहीं मिलता है। रघुराम राजन ने बताया कि ज्यादा आरबीआई गवर्नर को पेंशन इसलिए मिलता है कि क्योंकि वे सरकारी अधिकारी रहे हैं। उन्होंने नाम नहीं बताने के शर्त पर बताया कि एक गवर्नर ऐसे थे जिन्होंने लंबे समय तक आरबीआई और सरकार को अपनी सेवा देते रहे लेकिन उन्हें पेंशन नहीं मिलता था क्योंकि वे सिविल सर्वेंट नहीं थे।  

रघुराम राजन ने बताया कि उन्हें पेंशन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि उनके पास फुलटाइम जॉब है। रघुराम राजन ने कहा कि गवर्नर पद पर रहते हुए दूसरी सुविधाओं के तौर पर कार मिलती है साथ ही घर के रखरखाव के लिए काफी कुछ मिलता है। क्योंकि ये घर बेहद पुराना है इसलिए उसे मेंटनेंस की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे देश में सरकारी कामों के लिए लग्जरी गाड़ी का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। 

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