14 क्षेत्रों के पीएलआई के लिए 746 आवेदनों को मंजूरी, 6.4 लाख मिला रोजगार 

मुंबई- दवा, एलईडी, एसी और इलेक्ट्रिक उत्पादों जैसे 14 क्षेत्रों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के तहत नवंबर तक 746 आवेदनों को मंजूरी मिली है। विनिर्माण क्षमताओं और निर्यात को बढ़ाने के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपये के खर्च के साथ 14 क्षेत्रों के लिए पीएलआई की घोषणा की गई थी। 

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, लाभार्थी कंपनियों ने 24 राज्यों के 150 से अधिक जिलों में इकाइयां स्थापित की हैं। सितंबर तक 95,000 करोड़ से अधिक का निवेश हुआ है। इससे 7.80 लाख करोड़ का उत्पादन या बिक्री हुई है। 6.4 लाख से अधिक रोजगार मिले हैं। 

2022-23 में करीब 2,900 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं। तीन साल में मोबाइल उत्पादन में 20 फीसदी की वृद्धि हुई। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन 101 अरब डॉलर का था। इसमें स्मार्टफोन का हिस्सा 44 अरब डॉलर रहा। 11.1 अरब डॉलर का निर्यात किया गया।

एसी और एलईडी लाइट आदि में पीएलआई के तहत 64 कंपनियां चुनी गई हैं। इसमें से 34 कंपनियां एसी कलपुर्जों के लिए 5,429 करोड़ रुपये व 30 एलईडी विनिर्माण के लिए 1,337 करोड़ का निवेश करेंगी। 6,766 करोड़ के अतिरिक्त निवेश से करीब 48,000 लोगों के लिए अतिरिक्त प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इस योजना के तहत 13 विदेशी कंपनियां 2,090 करोड़ रुपये का निवेश कर रही हैं। 

केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि सरकार पीएलआई योजना 2.0 पर काम कर रही है। इस साल अप्रैल-नवंबर में कच्चे स्टील का उत्पादन 14.5 फीसदी बढ़कर 9.401 करोड़ टन रहा। तैयार स्टील की खपत सालाना आधार पर 14 फीसदी बढ़कर 8.697 करोड़ टन रही। भारत ने 2030 तक 30 करोड़ टन की स्टील विनिर्माण क्षमता का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में देश की क्षमता करीब 16.1 करोड़ टन है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *