इस साल स्मॉल व मिडकैप ने निवेशकों को दिया 41 फीसदी से ज्यादा रिटर्न 

मुंबई- चालू कैलेंडर साल में स्मॉल और मिडकैप शेयरों का दबदबा रहा है। इन दोनों ने 41 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। इसी दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सेंसेक्स ने केवल 16.87 फीसदी का फायदा दिया है। 

विश्लेषकों के मुताबिक, 2023 में छोटे स्टॉक पसंदीदा रहे हैं। इक्विटी बाजारों में लंबे समय से तेजी का दौर चल रहा है। इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट लॉर्ज कैप से आगे निकल रहे हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, 22 दिसंबर तक बीएसई स्मॉलकैप 45.20 फीसदी जबकि मिडकैप 41.74 फीसदी बढ़ा है। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 16.87 फीसदी बढ़ा है। 20 दिसंबर को स्मॉलकैप इंडेक्स सार्वकालिक उच्च स्तर 42,648.86 पर पहुंच गया था। मिडकैप भी 36,483.16 का रिकॉर्ड बनाया था। बीएसई बेंचमार्क ने 71,913 का उच्च स्तर बनाया था। 

जानकारों का मानना है कि स्मॉलकैप में निकट समय में गिरावट आ सकती है। 28 मार्च को स्मॉलकैप 26,120 और मिडकैप इंडेक्स 23,356 के साथ साल का निचला स्तर बनाया था। जबकि 20 मार्च को बीएसई सेंसेक्स ने 57,085 का निचला स्तर बनाया था। विदेशी निवेशकों की निकासी के बावजूद घरेलू निवेशकों के दम पर बाजार ने इतिहास रचा है। इस साल विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार में 1.62 लाख करोड़ का निवेश किया है। इसमें से 57,300 करोड़ इस महीने में लगाया है।

मिडकैप इंडेक्स ने 2021 में 39 फीसदी और 2022 में 1.80 फीसदी का मुनाफा दिया था। जबकि स्मॉलकैप ने 2021 में 63 फीसदी और 2022 में 1.37 फीसदी का फायदा दिया था। सेंसेक्स ने 2021 में 22 फीसदी और 2022 में 4.44 फीसदी का मुनाफा दिया था।  

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