विदेशी निवेशकों ने तोड़ा रिकॉर्ड, दिसंबर में इस साल का हुआ सर्वाधिक निवेश 

मुंबई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय शेयर बाजार में इस साल में सबसे ज्यादा निवेश दिसंबर में किया है। अब तक के कारोबारी सत्रों में इन्होंने 54,757 करोड़ का शुद्ध निवेश किया है। उदारीकरण के बाद वित्त वर्ष 1992-92 में इन निवेशकों ने भारतीय बाजार में निवेश की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक किसी एक महीने में सर्वाधिक निवेश दिसंबर, 2020 में कोरोना के समय रहा है। उस समय 62,016 करोड़ रुपये का निवेश था, जो इस महीने में टूटने की पूरी संभावना है। ऐसे में 1992-93 के बाद दिसंबर ऐसा महीना होगा, जो सर्वाधिक निवेश का रिकॉर्ड वाला हो सकता है।  

अब तक बड़े निवेश में अगस्त, 2022 में 51,204 करोड़, अगस्त, 2020 में 47,080 करोड़, नवंबर, 2020 में 60,358 करोड़ और इस साल जून में 47,148 करोड़ रुपये का निवेश था। दिसंबर में रिकॉर्ड टूटने का सबसे बड़ा कारण तीन राज्यों में भगवा पार्टी की विजय है। इसका संकेत यह है कि अगले साल आम चुनाव में इस पार्टी को तीसरी बार बहुमत मिलने की उम्मीद है, जिससे आर्थिक सुधारों और इकनॉमी में तेजी बने रहने की उम्मीद है।

अब तक कैलेंडर साल के लिहाज से 2023 में इक्विटी बाजार में निवेश करीब 1.60 लाख करोड़ रहा है। 2020 में यह 1.70 लाख करोड़ और 2010 में 1.33 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस आधार पर भी इस साल कैलेंडर साल में निवेश का रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है।  

वित्त वर्ष की बात करें तो 2012-13 में 1.40 लाख करोड़, 2020-21 में 2.74 लाख करोड़ और इस साल करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। वित्त वर्ष में अभी भी तीन महीने से ज्यादा का समय बाकी है। ऐसे में इसका भी रिकॉर्ड टूट सकता है, क्योंकि 2020-21 की तुलना में निवेश केवल 90,000 करोड़ रुपये ही कम है।   

इन निवेशकों के लगातार निवेश से सेंसेक्स ने 71,000 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इक्विटी के साथ ही डेट में भी इनका निवेश इस साल 61,889 करोड़ रुपये रहा है। दरअसल, जेपी मॉर्गन ने अपने उभरते इंडेक्स में भारत के सरकारी बॉन्ड को अगले साल से शामिल करेगा। इससे विदेशी निवेशक डेट में निवेश बढ़ा रहे हैं।  

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