रघुराम राजन बोले- 2025 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की इकनॉमी बनना असंभव 

मुंबई- आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का मानना है कि बुनियादी ढांचे पर खर्च और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के अच्छे प्रदर्शन के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) तेजी से बढ़ा है। फिर भी अभी भारत को बहुत कुछ करने की जरूरत है। 2025 तक भारत के 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य लगभग असंभव है। 

उन्होंने कहा, कोई चमत्कार हो जाए तो ही आप 5 लाख करोड़ डॉलर का लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। इस समय हम 3,500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था हैं। 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए अगले दो वर्षों में 12 से 15 प्रतिशत की दर से बढ़ना होगा।’ 

राजन ने कहा, भारत की वृद्धि दर मजबूत होने के बावजूद निजी निवेश और निजी खपत में तेजी नहीं आई है। इस साल हमारे अच्छा प्रदर्शन करने का एक कारण यह भी है कि दुनिया अच्छा कर रही है। पहली छमाही में बहुत मजबूत वृद्धि का दूसरा कारण बुनियादी ढांचे पर जबर्दस्त सरकारी खर्च है। 

भारत ने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था का दर्जा बरकरार रखा है। सरकारी खर्च और विनिर्माण से मिली मजबूती के चलते जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रही है। लोकतंत्र के काम करने के लिए सरकार को लोगों के साथ डेटा साझा करने की ज़रूरत है। आप केवल संख्याओं को बाहर निकाल कर यह नहीं कह सकते कि पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। 

पूर्व गवर्नर के मुताबिक, भारत को बहुत तेजी से वृद्धि करने की जरूरत है, क्योंकि ज्यादा संख्या में नौकरियां नहीं तैयार हो रही हैं। पिछले चार साल में भारतीय अर्थव्यवस्था सालाना औसतन लगभग चार प्रतिशत की दर से बढ़ी है। यह हमारी छह प्रतिशत की वृद्धि क्षमता से काफी कम है। महंगाई नियंत्रित होने का एक कारण यह है कि हम अपनी संभावित दर से नहीं बढ़े हैं। 

राजन ने कहा, आपको सार्वजनिक रूप से कुछ समझदार चर्चा की जरूरत है। आपको अर्थशास्त्रियों को अपने सम्मेलन में बुलाना चाहिए। हमें हर तिमाही की वृद्धि के बारे में चिंता करने के बजाय उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जिसे खोला या शुरू किया जा सकता है। 

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