42% भारतीय अगले साल बदल सकते हैं नौकरी, एआई से होगा सुधार 

मुंबई- सोमवार को जारी PwC के “इंडिया वर्कफोर्स होप्स एंड फियर्स सर्वे 2023” नामक एक नए सर्वे के अनुसार, 51 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उन्हें काम पर प्रोडक्टिविटी में सुधार करने में मदद करेगा। भारत का औसत ग्लोबल औसत से अधिक है, जहां 31 प्रतिशत का मानना है कि AI से उन्हें काम में फायदा होगा। 

सर्वे में यह भी बताया गया है कि 62 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि उनकी नौकरियों के लिए जरूरी स्किल अगले पांच सालों में बदल जाएगी, जबकि वैश्विक स्तर पर इस बात को मानने वाले 36 प्रतिशत हैं। इसके अलावा, इनमें से 69 फीसदी भारतीयों को पता है कि जरूरतें कैसे बदलेंगी।

कई कंपनियां अपनी टैलेंट रणनीतियों में भविष्य के लिए स्किल डेवलप करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही हैं। लॉन्ग टर्म सक्सेस के लिए, लीडर्स को यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि वे लॉन्ग टर्म सफलता के लिए अपनी बिजनेस रणनीति के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सही स्किल सिखाने को प्राथमिकता दें। 

भारत में, 24% लोग सोचते हैं कि AI उनके काम को नुकसान पहुंचाएगा, जबकि वैश्विक स्तर पर केवल यह 14% को ऐसा लगता है। इसके अतिरिक्त, 21% भारतीयों का मानना है कि AI उनकी नौकरियों की जगह ले लेगा, जबकि दुनिया भर में केवल 13% को यह लगता है।

रिपोर्ट से पता चलता है कि 42% भारतीय कर्मचारी अगले साल नौकरी बदल सकते हैं, इसका मुख्य कारण यह है कि उन्हें बेहतर वेतन और प्रमोशन की उम्मीद है। वैश्विक स्तर पर यह 26% से कम है। इसके अलावा, विश्व स्तर पर 35% की तुलना में 70 प्रतिशत भारतीय प्रमोशन मांगने को तैयार हैं। सर्वे से पता चलता है कि युवा पीढ़ी पर ध्यान देने के बावजूद, मैनेजर्स और वरिष्ठ अधिकारी भी प्रमोशन को लेकर तैयार हैं। 

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