51,399 करोड़ जुटाए हैं फंड हाउसों ने 142 एनएफओ से अक्तूबर तक 

मुंबई- इस साल अक्तूबर तक कुल 142 नए फंड ऑफर (एनएफओ) से म्यूचुअल फंड कंपनियों ने 51,399 करोड़ जुटाए हैं। पिछले साल 32,200 करोड़ रुपये जुटाए थे। शेयर बाजार की तेजी में 28,429 करोड़ रुपये इक्विटी फंडों में लगाए गए हैं। सितंबर तिमाही में यह केवल 10,516 करोड़ रुपये था। इस साल सबसे ज्यादा 20 एनएफओ से 12,372 करोड़ रुपये थीमेटिक फंड से जुटाए गए हैं। 

विश्लेषकों का मानना है कि डायनॉमिक एसेट अलोकेशन फंड भी निवेश के लिए बेहतर है। सैमको एसेट मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी उमेश कुमार मेहता कहते हैं कि सैमको ने इसी कैटेगरी में नया फंड लॉन्च किया है जो 21 दिसंबर को बंद होगा। यह अनूठा फंड निवेशकों को स्थिरता, विकास क्षमता और नकारात्मक पक्ष से सुरक्षा देने के लिहाज से बनाया गया है। यह भारत का पहला इस तरह का फंड है जो कठिन समय में पूरी तरह से डेट में स्थानांतरित हो जाता है। अधिकांश अन्य हाइब्रिड या डायनॉमिक एसेट फंड आय के मूल्य या प्राइस टु बुक के मूल्यांकन पालन करते हैं। 

निवेशकों के सामने प्रमुख चुनौतियों में से एक बाजार की अस्थिरता और गिरावट का डर है। ऐसे फंड इन चिंताओं को पहचानते हैं व अस्थिरता और गिरावट को कम करने पर ध्यान देते हैं। इस मॉडल से फंड को बाजार के रुझान के आधार पर अपने इक्विटी निवेश को शून्य से 100 तक किया जा सकता है। वास्तविक समय में इक्विटी और डेट निवेश के बीच तेजी से बदलाव करके फंड जोखिमों को कम करता है। इससे निवेशकों को सुरक्षा और स्थिरता मिलती है। ऐसे फंड मुख्य रूप से बाजार में जब तेजी हो तो निवेश ज्यादा करते हैं। जब बाजार टूट रहे हों तो शुद्ध इक्विटी निवेश शून्य तक हो जाता है। 

जिस तरह कोई कंपनी बाजार में सूचीबद्ध होने या पैसा जुटाने के लिए आईपीओ लाती है, उसी तर्ज पर म्यूचुअल फंड कंपनियां भी बाजार से पैसा जुटाने के लिए एनएफओ लाती हैं। इस तरह की स्कीमों में पहले 15 दिन तक निवेश का मौका मिलता है। उसके बाद फिर से ऐसी स्कीमें हमेशा के लिए खुल जाती हैं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *