टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की सांसदी रद्द कराने वाले ये कारोबारी, पाक से है ताल्लुक

मुंबई- नकदी लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की सांसदी छिन गई है, उनकी संसद की सदस्यता रद्द हो गई है। उनपर आरोप लगा कि उन्होंने बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी से पैसे लेकर संसद में सवाल किए। आरोप लगा कि महुआ मोइत्रा ने दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए पैसे लेकर संसद में सवाल पूछे।  

इस मामले में महुआ मोइत्रा बुरी तरह फंस गई। महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित करने के लिए लाए गए प्रस्ताव को ध्वनमित से पारित कर दिया गया है और इसके साथ रही उनकी सांसदी खत्म हो गई। बहस के दौरान बीजेपी सांसद हीना गावित कहा कि महुआ मोइत्रा ने अपने संसदीय इतिहास में कुल 61 सवाल किए , जिसमें से 50 बार दर्शन हीरानंदानी के सवाल पूछे हैं। महुआ ने खुद ही एथिक्स कमिटी के सामने माना कि उन्होंने हीरानंदानी को लॉग-इन, पासवर्ड दिए हैं। इस पूरे मामले में एक नाम जो बार-बार आया वो नाम है दर्शन हीरानंदानी।  

दर्शन हीरानंदानी देश के बड़े कारोबारी हैं। रियल एस्टेट सेक्टर में उनका बड़ा नाम है। दर्शन पर आरोप लगे कि उन्होंने अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए महुआ मोइत्रा को पैसे दिए ताकि वो संसद में अडानी को लेकर सवाल करें। इस मामले में खुलासा होने के बागद उनका नाम सामने आया। दर्शन की कंपनी का अधिकतर कारोबार मुंबई में है। दर्शन के पिता निरंजन हीरानंदानी इस कंपनी के फाउंडर हैं। हीरानंदानी ग्रुप रेसिडेंशियल टाउनशिप से लेकर आईटी पार्क, बिजनेस पार्क, मॉल से अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से जुड़ी है। 

कंपनी के कई प्रोजेक्ट महाराष्ट्र से बाहर भी चल रहे हैं। मुंबई के अलावा बैंगलोर, चेन्नई में कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। कंपनी रियल एस्टेट के अलावा डेटा सेंटर, ऑयल एंड गैस सेक्टर, सेमीकंडक्टर्स और कंज्यूमर सर्विसेज में तेजी से विस्तार कर रही है। हीनानंदानी ग्रुप के दर्शन निडर ग्रुप, योट्टा डेटा सर्विसेज, एच एनर्जी और तेज प्लेटफॉर्म की कमान भी संभालते हैं। ये कंपनियां अलग-अलग सेक्टर्स में काम करती है। 

हीरानंदानी समूह का इतिहास आजादी से पहले का है। दर्शन हीरानंदानी के दादा लखुमल हीरानंदानी पाकिस्तान में रहते थे। परिवार से विवाद होने के बाद वो सिंध (पाकिस्तान) को छोड़कर भारत आकर बस गए। साल 1937 में लखुमल हीरानंदानी मुंबई आकर बस गए। साल 1942 में उन्होंने मुंबई के टोपीवाला नेशनल मेडीकल कॉलेज से स्नातक किया, आगे की पढ़ाई के लिए वो लंदन चले गए। पढ़ाई के बाद वो वापस भारत लौट आए। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में सर्जन के तौर पर काम किया।  

साल 2013 में उनके निधन के बाद बेटे निरंजन हीरानंदानी और सुरेंद्र ने हीरानंदानी ग्रुप की कमान संभाली और कारोबार का विस्तार किया। दर्शन ने न्यूयॉर्क के रोशेस्टर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीएससी और MBA की डिग्री ली है। पढ़ाई के बाद परिवार के कारोबार में हाथ बंटाना शुरू किया, दर्शन ने हीरानंदानी ग्रुप के रियल एस्टेट बिजनेस को इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचाया उन्होंने रियल एस्टेट के अलावा डेटा सेंटर्स, क्लाइंड कंप्यूटरिंग, एनर्जी सेक्टर , लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कंपनी का विस्तार किया। 

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