पेटीएम से अब 50,000 रुपये से कम के लोन मिलने में होगी बहुत मुश्किल 

मुंबई- पेटीएम ने अपने लोन बिजनेस में इजाफा करने का ऐलान किया है। पेटीएम ने बताया कि वह ज्यादा अमाउंट वाले पर्सनल और मर्चेंट लोन देने पर ज्यादा जोर देगी। हाल ही में केंद्रीय बैंक RBI द्वारा अनसिक्योर्ड लोन पर सख्ती बरतने के बाद फिनटेक कंपनी ने कहा कि वह 50,000 रुपये से कम के लोन को बांटने में कटौती करेगी। 

कंपनी ने कहा कि वह 50,000 रुपये से ज्यादा के लोन के लिए ‘अच्छी मांग’ की उम्मीद करते हुए, कम रिस्क वाले और हाई क्रेडिट-योग्य ग्राहकों के लिए लोन अमाउंट और कमर्शियल लोन के अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करेगी। कंपनी ने जानकारी में बताया कि वह ऐसा बड़े बैंकों और गैर-बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों (NBFC) के साथ पार्टनरशिप के जरिये करेगी।

पेटीएम के प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर भावेश गुप्ता ने बताया कि कंपनी के इस कदम से प्लेटफॉर्म के पोस्ट-पेड प्रोडक्ट के माध्यम से दिए गए लोन के वॉल्यूम में करीब 40 से 50 फीसदी की गिरावट आएगी। इससे पेटीएम के रेवेन्यू ग्रोथ में खास असर देखने को नहीं मिलेगा। 

कंपनी की तरफ से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों और गैर-बैंक वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के लिए जोखिम वेटेज 25 प्रतिशत अंक बढ़ा दिया है। केंद्रीय बैंक पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए मानदंडों को कड़ा करने पर विचार कर रहा है, ताकि इसके बदले में लोन लेने की संख्या में कमी आ सके। कंपनी ने कहा कि वह एक बैंकिंग पार्टनर और दो NBFC पार्टनर और जोड़ने की प्रक्रिया में है। इसके अलावा, कंपनी के पास 3 क्रेडिट कार्ड पार्टनर हैं। कंपनी और पार्टनर्स को खोजने में लगी है और इसका मुख्य लक्ष्य Rupay credit card के लिए पार्टनर को खोजना है। 

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