एसएंडपी का दावा-2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत 

मुंबई- एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा है कि 2030 तक भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की विकास दर सात फीसदी तक पहुंच सकती है। वित्त वर्ष 2024-25 में वृद्धि 6.9 फीसदी रह सकती है। 2023-24 में 6.4 फीसदी और 2026-27 में सात फीसदी तक पहुंच सकती है। 

एजेंसी के अनुसार, देश को विशाल अवसर का फायदा उठाना और अगला बड़ा वैश्विक विनिर्माण केंद्र बननेे की जरूरत होगी। साथ ही, एक मजबूत लॉजिस्टिक्स ढांचा विकसित करना भारत को सेवाप्रधान अर्थव्यवस्था से विनिर्माण प्रमुख अर्थव्यवस्था में बदलने में महत्वपूर्ण होगा। एजेंसी ने कहा, हमें उम्मीद है कि यह अगले तीन वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली जीडीपी होगी। भारत वर्तमान में अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। इसकी जीडीपी 2022-23 में 3.73 लाख करोड़ डॉलर की रही है।  

अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक कोष (आईएमएफ) ने 2027-28 तक भारत की जीडीपी पांच लाख करोड़ डॉलर होने का अनुमान जताया है। एसएंडपी ने कहा कि श्रम बाजार की संभावनाओं को अनलॉक करना काफी हद तक श्रमिकों के कौशल बढ़ाने और कार्यबल में महिला भागीदारी बढ़ाने पर निर्भर करेगा। एसएंडपी ने कहा, तेजी से बढ़ता घरेलू डिजिटल बाजार अगले दशक तक भारत के उच्च-विकास स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में विस्तार को बढ़ावा दे सकता है। ऑटोमोटिव क्षेत्र में भारत विकास, बुनियादी ढांचे पर निर्माण, निवेश के लिए तैयार है। 

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन में बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता जताया है। साथ ही इसने चीनी सॉवरेन बांड का आउटलुक स्थिर से घटाकर नकारात्मक कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि स्थानीय सरकारों और सरकारी कंपनियों का समर्थन करने के लिए चीन का राजकोषीय प्रोत्साहन उपयोग देश की अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक जोखिम पैदा कर रहा है। 

चीन में संपत्ति की बढ़ती बर्बादी ने राजकोषीय प्रोत्साहन की ओर बदलाव शुरू कर दिया है। अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्य उपाय के रूप में अपनी उधारी बढ़ा दी है। नवंबर में चीन की विनिर्माण और सेवा गतिविधियों में गिरावट आई है। इससे लड़खड़ाती रिकवरी का समर्थन करने के लिए और अधिक सरकारी उपायों की जरूरत है। 

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