प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना- छोटे मजदूरों के लिए बेहतरीन प्लान 

मुंबई- कई लोगों अपने रिटायरमेंट को लेकर टेंशन में रहते हैं कि वो बुढ़ापे में अपने लिए मासिक आय का इंतजाम कैसे कर सकेंगे। ऐसे में आप पेंशन प्लान लेकर अपने बुढ़ापे को आर्थिक समस्याओं से बचा सकते हैं। अगर आपने अब तक कोई पेंशन प्लान नहीं लिया है तो आपके लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना सही रहेंगी।  

ये योजना असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए है। इनमें घर में काम करने वाले, रेहड़ी लगाने वाले दुकानदार, ड्राइवर, प्लम्बर, दर्जी, मिड-डे मील वर्कर, रिक्शा चालक, निर्माण कार्य करने वाले मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, बीड़ी बनाने वाले, हथकरघा, कृषि कामगार, मोची, धोबी, चमड़ा कामगार को शामिल किया गया है। पूरी लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें 

योजना के लिए असंगठित क्षेत्र के मजदूर की इनकम 15,000 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। सेविंग्स बैंक अकाउंट या फिर जन-धन अकाउंट की पासपोर्ट और आधार नंबर होना चाहिए। उम्र 18 साल से कम और 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पहले से केंद्र सरकार की किसी अन्य पेंशन स्कीम का फायदा नहीं उठाया रहा हो। 

अपने हिस्से का योगदान (किश्त) करने में चूक होने पर पात्र सदस्य को ब्याज के साथ बकाए का भुगतान करके कंट्रीब्यूशन को नियमित करने की अनुमति होगी। यह ब्याज सरकार तय करेगी। योजना से जुड़ने की तारीख से 10 साल के अंदर स्कीम से निकलने का इच्छुक है तो केवल उसके हिस्से का योगदान सेविंग बैंक की ब्याज दर पर उसे लौटाया जाएगा। 

अगर पेंशनभोगी स्कीम से 10 साल बाद लेकिन 60 साल की उम्र से पहले निकलता है तो उसे पेंशन स्कीम में कमाए गए वास्तविक ब्याज के साथ उसके हिस्से का योगदान लौटाया जाएगा। किसी कारण से सदस्य की मौत हो जाने पर जीवनसाथी के पास स्कीम को चलाने का विकल्प होगा। इसके लिए उसे नियमित योगदान करना होगा। 

इसके अलावा अगर इस योजना के तहत पेंशन पाने वाली की 60 साल के बाद मौत हो जाती हैं तो उसके नॉमनी को 50 फीसदी पेंशन मिलेगी। 60 साल की उम्र से पहले अस्थायी रूप से विकलांग होने पर स्कीम में योगदान करने में समर्थ है तो उसके पास स्कीम के वास्तविक ब्याज के साथ अपने हिस्से का योगदान लेकर स्कीम से निकलने का विकल्प होगा। 

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