50 से ज्यादा कफ सिरप क्वालिटी पर हुई फेल, 19 बच्चों की मौत भी हुई 

मुंबई- खांसी होने पर कफ सिरप पीना आम बात है। ज्यादातर सभी लोग कफ सिरप (Cough Syrup) का इस्तेमाल करते हैं। पिछले साल उज्बेकिस्तान में कफ सिरप पीने से 19 बच्चों की मौत हो गई थी।

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि यह कफ सिरप नोएडा की एक कंपनी ने बनाई थी। अब कफ सिरप को लेकर एक नई खबर सामने आई है। दरअसल देश में कफ सिरप बनाने वाली 50 से ज्यादा कंपनियां क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गई हैं। ग्लोबल लेवल पर 141 बच्चों की मौत के लिए भारत निर्मित कफ सिरप को जोड़ने वाली रिपोर्ट्स के बाद कई राज्यों में किए गए लैब परीक्षणों का हवाला देते हुए एक सरकारी रिपोर्ट में ये बात कही गई है। 

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर तक जारी की गई 2,104 परीक्षण रिपोर्ट्स में से 54 कंपनियों की 128 यानी 6% रिपोर्ट मानक गुणवत्ता (एनएसक्यू) की नहीं थीं। उदाहरण के लिए, खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला गुजरात ने अक्टूबर तक 385 नमूनों का विश्लेषण किया, जिनमें से 20 निर्माताओं में से 51 नमूने मानक गुणवत्ता के नहीं पाए गए। इसी तरह, सेंट्रल ड्रग्स टेस्टिंग लेबोरेटरी (सीडीटीएल) मुंबई ने 523 नमूनों का विश्लेषण किया, जिनमें से 10 फर्मों के 18 नमूने गुणवत्ता परीक्षण में विफल रहे।

क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (आरडीटीएल) चंडीगढ़ ने 284 परीक्षण रिपोर्ट जारी कीं, और 10 फर्मों के 23 नमूने एनएसक्यू थे। भारतीय फार्माकोपिया आयोग (आईपीसी) गाजियाबाद ने 502 रिपोर्ट जारी कीं, जिनमें से नौ फर्मों में से 29 गुणवत्ता परीक्षण में विफल रहीं। 

पिछले साल अक्टूबर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा था कि गांबिया में करीब 70 बच्चों की मौत का संबंध भारतीय निर्माता द्वारा बनाई गई खांसी और सर्दी की सिरप से हो सकता है। इसके बाद से भारत निर्मित कफ सिरप सवालों के घेरे में आ गए हैं।  

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