चावल की कीमतें 15 साल के टॉप पर, करोड़ों लोग हो भूखमरी के शिकार

मुंबई-एशिया, लेटिन अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में चावल मुख्य आहार है लेकिन हाल के दिनों में इसकी कीमत में भारी तेजी आई है। चावल की कीमत 15 साल के टॉप के करीब पहुंच गई है। इससे एशिया और अफ्रीका में करोड़ों लोगों के भूखे मरने की नौबत आ गई है। एशियन बेंचमार्क थाई वाइट राइस 5% ब्रोकन में पिछले दो हफ्ते में 57 डॉलर की तेजी आई है और यह 640 डॉलर प्रति टन पहुंच गई है। यह अक्टूबर 2008 के बाद अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई है।

अगस्त में जब भारत ने चावल निर्यात पर बैन लगाया था तो चावल की कीमत अक्टूबर 2008 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। भारत दुनिया में चावल का सबसे बड़ा निर्यातक है। लेकिन भारत के चावल के निर्यात पर बैन लगाने से अन्य देशों खासकर थाईलैंड के चावल की मांग बढ़ गई है। ब्राजील और फिलीपींस जैसे देशों से थाई चावल की काफी डिमांड आ रही है। थाई राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट Chookiat Ophaswongse के मुताबिक देश में बढ़ती कीमत और स्थानीय करेंसी के मजबूत होने से चावल की कीमत में तेजी आई है। 

वियतनाम में चावल के स्टॉक में गिरावट से भी थाईलैंड को फायदा हो रहा है। भारत ने जुलाई के अंत में चावल के एक्सपोर्ट पर बैन लगाया था और इस प्रतिबंध के अगले साल तक जारी रहने की संभावना है। अल नीनो प्रभाव के कारण उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इस कारण थाईलैंड में चावल की पैदावार में इस साल छह फीसदी गिरावट की संभावना है जबकि वियतनाम ने सूखे की आशंका को देखते हुए किसानों को नई फसल लगाने को कहा है। 

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