एशिया में ये हैं सबसे बड़े दानवीर, लेकिन अंबानी और अदाणी लिस्ट से बाहर 

मुंबई- फोर्ब्स एशिया की ‘हीरोज ऑफ फिलॉन्थ्रॉपी’ लिस्ट के 17वें एडिशन में भारत के तीन दिग्गजों का नाम शामिल है। इसमें इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि, डीएलएफ के चेयरमैन एमिरेट्स कुशल पाल सिंह और जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ को जगह मिली है।  

बिजनेस इंडस्ट्री के उन दिग्गजों को इस लिस्ट में शामिल किया गया है जो वित्तीय दान तो कर रहे हैं, वहीं इसके अलावा कुछ चुनिंदा मुद्दों पर पर्सनल रूप से भी फोकस कर रहे हैं। ये एक सालाना लिस्ट होती है और इस साल की फोर्ब्स ‘हीरोज ऑफ फिलॉन्थ्रॉपी’ लिस्ट में 15 दानवीरों या परोपकारियों को शामिल किया गया है। भारत से ये तीन लोग इस लिस्ट में शामिल हैं। 

इस लिस्ट में टेक्नोलॉजी दिग्गज इंफोसिस के को-फाउंडर और चेयरमैन नंदन नीलेकणि को शामिल किया गया है। उन्होंने इसी साल जून में आईआईटी बॉम्बे को 3.2 अरब रुपये का दान दिया था जो कि काफी बड़ी रकम है। फोर्ब्स के मुताबिक ये वित्तीय मदद भारत के एजूकेशन सेक्टर को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए काम आने वाली है। 

डीएलएफ के कुशल पाल सिंह 92 साल के हैं और इस साल की शुरुआत में ये अपनी लव लाइफ को लेकर चर्चा में थे। इन्होंने इसी अगस्त में अपनी रियल एस्टेट कंपनी में बची हुई डायरेक्ट हिस्सेदारी को बेच दिया था। इसके जरिए केपी सिंह ने 7.3 अरब रुपये जुटाए थे। कहा जा रहा था कि केपी सिंह ने 731 करोड़ रुपये की रकम देश में परोपकार के कामों में इस्तेमाल करने के लिए जुटाई है। साल 1961 में केपी सिंह इंडियन आर्मी छोड़कर अपने ससुर की कंपनी DLF में शामिल हो गए थे और 2020 तक डीएलएफ के चेयरमैन के पद पर रहे। इसके बाद से वो फिलहाल कंपनी के चेयरमैन ऐमिरेट्स हैं। 

देश की सबसे बड़ी स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी जेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामथ की यूट्यूब पॉडकास्ट सीरीज WTF is से एक करोड़ रुपये या 120,000 अमेरिकी डॉलर तक उस चैरिटी को देगा जो दर्शकों ने चुनी हो। निखिल कामथ जून में गिविंग प्लेज में शामिल हुए थे और ऐसा करने वाले वो भारत से चौथे कारोबारी हैं। दूसरे कारोबारी जो इस प्लेज में शामिल हैं उनके नाम नंदन नीलेकणी और रोहिणी नीलेकणी, विप्रो के अजीम प्रेमजी और बायोकॉन की किरण मजूमदार-शॉ हैं। 

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