डेट बाजार में विदेशी निवेशकों का निवेश नवंबर में दो साल के उच्च स्तर पर 

मुंबई- भारतीय डेट बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) का निवेश नवंबर में दो साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। नवंबर में इन निवेशकों ने 12,400 करोड़ का निवेश किया है, जो सितंबर, 2021 के बाद सर्वाधिक है। उस समय 12,804 करोड़ का निवेश था। अक्तूबर में 6,382 करोड़ का निवेश किया गया था।  

जेपी मॉर्गन ने भारत के सरकारी बॉन्ड को अपने उभरते बाजारों के इंडेक्स में शामिल करने का फैसला किया है। जिससे विदेशी निवेशक निवेश कर रहे हैं। एफपीआई भारतीय डेट बाजार में इस साल की शुरुआत से ही निवेश कर रहे हैं। मार्च को छोड़कर उन्होंने हर महीने निवेश किया है। इस कैलेंडर साल में डेट में कुल निवेश 47,900 करोड़ रुपये के पार हो गया है।

एफपीआई निवेश बॉन्ड के वैश्विक सूचकांक में शामिल होने की घोषणा के कारण बढ़ा है। आक्रामक निवेशक अभी से ही दांव लगा रहे हैं मगर गंभीर निवेश या बड़ी राशि का निवेश अगले साल जनवरी से शुरू होगा। बाजार भागीदारों का अनुमान है कि दिसंबर में निवेश की आवक कुछ घटेगी और उसके बाद एक बार फिर निवेश बढ़ सकता है क्योंकि एफपीआई जनवरी से पोजिशन लेना शुरू कर देंगे। गोयल ने कहा, ‘साल समाप्त होने के कारण दिसंबर में विदेशी निवेश थोड़ा घटेगा और जनवरी के अंत तक ऋण बॉन्डों में बड़ा निवेश आना शुरू हो जाएगा।’ 

जेपी मॉर्गन ने 22 सितंबर को अपने उभरते बाजारों के बॉन्ड सूचकांक में भारत को शामिल करने की घोषणा की थी। भारत को इसके प्रमुख सूचकांक जीबीआई-ईएम ग्लोबल डाइवर्सिफाइड इंडेक्स में शामिल किया जाएगा और यह काम अगले साल जून में शुरू होगा। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से 18 महीने में पूरी होगी और 31 मार्च, 2025 तक हर महीने 1 फीसदी भारांश शामिल किया जाएगा। 

विदेशी निवेशकों ने चालू कैलेंडर वर्ष में भारत के ऋण बाजार में 47,105 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो बीते 6 साल में सबसे अधिक है। वर्ष 2022 में शुद्ध एफपीआई निवेश 5,706 करोड़ रुपये था। चार साल में पहली बार 2023 में एफपीआई भारतीय ऋण प्रतिभूतियों के शुद्ध खरीदार बने हैं। हाल तक एफपीआई शुद्ध बिकवाल थे। इससे पहले 2019 में उन्होंने बॉन्डों में रिकॉर्ड 25,882 करोड़ रुपये का निवेश किया था। 

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