भारतीय बाजार का मार्केट कैप 4 लाख करोड़ डॉलर के करीब, जीडीपी से आगे 

मुंबई-हाल में एक खबर वायरल हुई थी। इसमें दावा किया गया था कि भारत की इकॉनमी चार लाख करोड़ डॉलर पहुंच गई है। लेकिन यह खबर फर्जी निकली। लेकिन भारत का इक्विटी मार्केट कैप इस मुकाम पर पहुंचने के बहुत करीब है। गुरुवार को बीएसई लिस्टेड शेयरों का मार्केट कैप अपने ऑल-टाइम हाई लेवल 328.33 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।  

डॉलर के हिसाब से देखें तो यह 3.94 ट्रिलियन डॉलर बैठता है। चार लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचने के लिए भारत को केवल पांच लाख करोड़ रुपये की जरूरत है। अगले कुछ दिनों में भारत इस मुकाम पर पहुंच सकता है। इस कैलेंडर ईयर में निफ्टी में नौ परसेंट की तेजी आई है। स्मॉल एंड मिडकैप शेयरों के जबरदस्त प्रदर्शन और कई आईपीओ आने के कारण इस साल भारत का मार्केट कैप करीब 46 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है।  

भारत मई 2021 में तीन लाख करोड़ डॉलर के मुकाम पर पहुंचा था। दुनिया की बात करें तो इस लिस्ट में अमेरिका 47 लाख करोड़ डॉलर के मार्केट कैप के साथ पहले, चीन (9.7 लाख करोड़ डॉलर) दूसरे, जापान (5.9 लाख करोड़ डॉलर) तीसरे और हॉन्ग कॉन्ग (4.8 ट्रिलियन डॉलर) चौथे नंबर पर है। इसके बाद भारत पांचवें नंबर पर है। 

मैक्रो लेवल पर भारत अभी 3.7 लाख करोड़ डॉलर के साथ दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकॉनमी है। अमेरिका पहले, चीन दूसरे, जर्मनी तीसरे और जापान चौथे नंबर पर है। एसबीआई सिक्योरिटीज के सनी अग्रवाल ने कहा कि 2030 तक भारत के सात ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने का अनुमान है। मार्केट कैप भी जीडीपी के हिसाब से बढ़ेगा। जब भी जीडीपी दोगुनी होती है तो मार्केट कैप भी दोगुना हो जाता है। शेयरों की कीमत में तेजी और आईपीओ के रूप में नई लिस्टिंग से मार्केट कैप बढ़ता है। निफ्टी और सेंसेक्स के अगले पांच साल में डबल होने की उम्मीद है। 

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