फेम-2 सब्सिडी घोटाले में दो संगठनों के अधिकारियों की होगी सरकारी जांच 

मुंबई- भारी उद्योग मंत्रालय ने फेम-2 सब्सिडी घोटाले के लिए जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों की जांच शुरू कर दी है। यह जांच ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के अधिकारियों की होगी।  

इन संगठनों के अधिकारियों पर आरोप है कि वाहनों को गलत तरीके से मंजूरी देने में इनकी भागीदारी है। मंत्रालय के सचिव सचिव कामरान रिजवी ने कहा, प्रक्रियागत खामियों और गलत तरीके से रकम वितरित करने से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी।

13 कंपनियों को अनुचित तरीके से दावा की गई सब्सिडी की प्रतिपूर्ति करने का निर्देश दिए जाने के कई महीने बाद मंत्रालय द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है। इनमें सात वाहन निर्माता कंपनियों – हीरो इलेक्ट्रिक, ऑकीनावार ऑटोटेक, एम्पीयर व्हीकल्स, बेनलिंग इंडिया, रिवोल्ट इंटेलीकॉर्प, एमो मोबिलिटी और लोहिया ऑटो ने दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर आयातित उत्पादों का इस्तेमाल किया। इन सातों से करीब 469 करोड़ रुपये लौटाने को कहा गया है। अब तक रिवोल्ट मोटर ने ही रकम को लौटाया है। 

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