सोलर मॉड्यूल में चीन का दबदबा तोड़ने के लिए टाटा और रिलायंस दौड़ में 

मुंबई- दुनिया में तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसमें सोलर मॉड्यूल की अहम भूमिका है। दुनिया में सोलर मॉड्यूल बनाने के मामले में अभी चीन का दबदबा है। लेकिन जल्दी ही यह स्थिति बदलने वाली है। मोदी सरकार देश में सोलर मॉड्यूल की मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और चीन से इनके आयात को कम करने की दिशा में काम कर रही है। इसक लिए कंपनियों को 19,500 करोड़ रुपये का फाइनेंशियल इनसेंटिव दिया जा रहा है। 

सूत्रों के मुताबिक एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा पावर समेत कई कंपनियों ने इसके लिए बोली लगाई है। वित्तीय प्रोत्साहन के लिए निविदा की तारीख को कई बार बढ़ाया गया था और आखिरकार यह प्रक्रिया 28 फरवरी को बंद हो गई। 

रिलायंस और टाटा के अलावा अमेरिका की कंपनी फर्स्ट सोलर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड, अवाडा ग्रुप और रिन्यू एनर्जी ग्लोबल पीएलसी ने भी प्रोत्साहन के लिए बोली लगाई है। लेकिन हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट के कारण मुसीबत का सामना कर रहे अडानी ग्रुप ने इसमें हिस्सा नहीं लिया। अडानी ग्रुप देश के सबसे बड़े सोलर पैनल मेकर्स में शामिल है। इस बोली को सरकारी कंपनी सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ने आयोजित किया था। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाना चाहते हैं। इससे देश में रोजगार पैदा होंगे और आयात में कमी आएगी। कोरोना महामारी के कारण चीन से सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। इस वजह से दुनियाभर की कंपनियां चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहती हैं। ऐसी स्थिति में उनके लिए भारत एक बेहतर विकल्प बनकर उभरा है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *