जनवरी में 1.56 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन, दूसरी बार सर्वाधिक 

मुंबई-आर्थिक सर्वे में अर्थव्यवस्था की बेहतरी के अनुमान के बीच जीएसटी के मोर्चे पर भी अच्छी खबर आई है। जनवरी में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 1.56 लाख करोड़ रुपये रहा है। एक जुलाई, 2017 को इस नई कर व्यवस्था के शुरू होने के बाद से यह दूसरा सर्वोच्च स्तर है। अप्रैल, 2022 में अब तक का सर्वाधिक 1.68 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था। जनवरी, 2022 में 138,394 करोड़ रुपये तुलना में यह 24 फीसदी और दिसंबर में 149,507 करोड़ के मुकाबले 4 फीसदी अधिक है। 

चालू वित्त वर्ष में तीसरी बार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 1.50 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा है। अप्रैल में 1.68 लाख करोड़, अक्तूबर में 151,718 करोड़ और अब जनवरी में यह 155,922 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ है। दिसंबर में 8.3 करोड़ ई-वे बिल बनाए गए थे जो अब तक का सर्वोच्च है। नवंबर में 7.9 करोड़ ई-वे बिल बने थे। 

मंगलवार को जारी आंकड़ों में बताया गया कि 1,55,922 करोड़ रुपये में से 28,963 करोड़ रुपये सीजीएसटी (केंद्र सरकार), 36,730 करोड़ रुपये एसजीएसटी (राज्यों) और 79,599 करोड़ रुपये आईजीएसटी के रूप में मिला। इसमें 37,118 करोड़ रुपये सामानों के आयात से और 10,630 करोड़ रुपये सेस के रूप में मिला। आयातित सामानों से मिला कर एक साल पहले की तुलना में 29 फीसदी ज्यादा रहा है। 

वित्त मंत्रालय ने बताया कि 2021 की तुलना में चालू वित्त वर्ष में जनवरी तक जीएसटी संग्रह में 24 फीसदी की वृद्धि हुई है। मंत्रालय ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में संग्रह बढ़ाने के लिए तमाम कदम उठाए गए और साथ ही अनुपालन में भी सुधार किया गया। 

जीएसटीआर-3बी की फाइलिंग और जीएसटीआर-1 के बिलों के विवरण में जनवरी महीने में तेजी देखी गई। अक्तूबर से दिसंबर, 2022 की तिमाही के दौरान कुल 2.42 करोड़ जीएसटी रिटर्न फाइल किए गए। एक साल पहले इसी अवधि में यह 2.19 करोड़ था। 

मंत्रालय ने बताया कि सरकार ने सीजीएसटी के रूप में 38,507 करोड़ और एसजीएसटी के रूप में 32,624 करोड़ रुपये का निपटान किया। इस सेटलमेंट के बाद केंद्र सरकार का शुद्ध हिस्सा 67,470 करोड़ और राज्यों का हिस्सा 69,354 करोड़ रुपये रहा। 

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