गेहूं की कीमतों में भारी उछाल, आगे और ज्यादा महंगा हो सकता है  

मुंबई- गेहूं के दामों में उछाल जारी है और अब तो ये रिकॉर्ड हाई पर जा पहुंचा है। जनवरी 2023 में माना जा रहा था कि सरकार भारी मांग को देखते हुए सप्लाई को बनाए रखने और कीमतों पर लगाम रखने के लिए ओपन मार्केट में गेहूं के स्टॉक बेचेगी। लेकिन सरकार ने अब तक ऐसा नहीं किया है जिसके चलते गेहूं के दामों में उछाल देखा जा रहा है।  

दिसंबर 2022 में ये संकेत दिए गए थे कि ओपेन मार्केट में 2 से 3 मिलियन टन गेहूं आटा मिल मालिकों से लेकर बिस्कुट बनाने वाली कंपनियों को जारी किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक 23 जनवरी 2023 को इंदौर मार्केट में गेहूं के दाम रिकॉर्ड 29,375 रुपये प्रति टन पर जा पहुंचा है। केवल 2023 के जनवरी महीने में कीमतों में 7 फीसदी का उछाल आ चुका है। जबकि 2022 में 37 फीसदी दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी।  

सोमवार 23 जनवरी 2023 को दिल्ली में गेहूं के दामों में 2 फीसदी का उछाल आया है और ये 31508 रुपये टन पर जा पहुंचा है। जानकारों के मुताबिक सरकार ने 15 दिनों में गेहूं का स्टॉक जारी नहीं किया तो गेहूं के दामों में 5 से 6 फीसदी का उछाल देखने को मिल सकता है। 

सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को बंद कर दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद एफसीआई के पास 113 लाख टन गेहूं का स्टॉक उसके वेयरहाउस में होगा जो बफर स्टॉक की सीमा 74 लाख टन से ज्यादा है। सरकार ने पहले से ही गेहूं के एक्सपोर्ट पर बैन लगा रखा है बावजूद उसके गेहूं के दामों में तेजी है।  

गेहूं का नया स्टॉक बाजार में मार्च अप्रैल में आने की उम्मीद है जिसके बाद कीमतों में नरमी देखने को मिल सकती है। उम्मीद थी कि सरकार अपने भंडार से स्टॉक जारी करेगी लेकिन अब तक ऐसा हुआ नहीं है। गेहूं और आटा के दामों में भारी उछाल के बाद आटा मिल मालिक सरकार से ओपेन मार्केट सेल स्कीम के तहत गेहूं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। 

बीते एक साल में गेहूं और आटा के दामों के चाल पर नजर डालें तो उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक एक अप्रैल 2022 को गेंहू का औसत मुल्य 22 रुपये किलो था जो 23 जनवरी 2023 को 28 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंचा है। यानि इस अवधि के दौरान कीमतों में 27 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। जिस आटा का औसत मुल्य एक अप्रैल 2022 को 25 रुपये किलो हुआ करता था वो 23 जनवरी 2023 को 35 रुपये प्रति किलो पर जा पहुंचा है। यानि आटा 10 महीने से भी कम समय में आटा 40 फीसदी तक महंगा हुआ है। गेहूं आटा के महंगे होने के चलते थाली की रोटी तो महंगी होती ही है साथ में आटा से बनने वाली दूसरी चीजों बिस्कुट, ब्रेड वैगरह भी महंगी हो जाती है। 

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