दो साल में एक जीबी डेटा का भाव बढ़कर दोगुना, जानिए अब क्या है कीमत 

मुंबई- आज भारत सस्ते इंटरनेट के मामले में पांचवें नंबर पर है, लेकिन सिर्फ 2 साल पहले दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट भारत में ही था। 2020 से 2022 के बीच भारत में डेटा की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है। 

2020 में 7 रुपए का था 1 जीबी डेटा 2022 में करीब 14 रुपए का हो गया 

देश में इंटरनेट की कीमतें 2016 के बाद तेजी से घटी थीं, मगर अब सभी टेलीकॉम कंपनियां डेटा टैरिफ बढ़ा रही हैं। वर्ल्डवाइड मोबाइल डेटा प्राइसिंग रिपोर्ट हर साल पूरी दुनिया के 223 देशों की एक लिस्ट जारी करती है। इसमें बताया जाता है कि इन देशों में 1 जीबी डेटा की औसत कीमत कितनी है। 

2020 की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट भारत में था। उस समय देश में 1 जीबी डेटा की औसत कीमत 7.31 रुपए थी। मगर 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 1 जीबी डेटा की औसत कीमत बढ़कर 13.81 रुपए हो गई है। 

यानी भारत में डेटा की कीमत करीब दोगुनी हो गई है। टेलीकॉम कंपनियां स्पेक्ट्रम चार्ज और अन्य खर्चों का हवाला देकर लगातार डेटा टैरिफ बढ़ाने की बात कहती भी रही हैं। भारत की डेटा कीमतों की अगर उन देशों से तुलना करें जो सस्ते इंटरनेट वालों की सूची में हैं तो टेलीकॉम कंपनियों का तर्क सही नहीं लगता। 

2020 में सस्ते इंटरनेट के मामले में इजरायल दूसरे नंबर पर था। उस वक्त वहां 1 जीबी डेटा की औसत कीमत 8.94 रुपए थी। 2022 में दुनिया में सबसे सस्ता इंटरनेट इजरायल में था। 1 जीबी डेटा की औसत कीमत 3.25 रुपए है। यानी इजरायल में डेटा की कीमत आधी से भी कम हो गई हैं। 

दूसरा उदाहरण इटली का है। 2020 में सस्ते इंटरनेट के मामले में इटली चौथे स्थान पर था। वहां 1 जीबी डेटा की कीमत 34.93 रुपए थी। 2022 में इटली सस्ते इंटरनेट में दूसरे स्थान पर है। अब वहां 1 जीबी डेटा की औसत कीमत 9.75 रुपए है। यानी कीमतें 72% घट गई हैं। 

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