मुकेश अंबानी की फिर सरकार से तनातनी, प्राकृतिक गैस की नीलामी रोकी 

मुंबई- देश के दूसरे सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी पार्टनर बीपी पीएलसी ने नेचुरल गैस की बिक्री के लिए प्रस्तावित नीलामी को स्थगित कर दिया है। रोजाना लगभग 60 लाख घनमीटर गैस बिक्री के लिए ई-बोली 18 जनवरी को होनी थी। लेकिन दोनों कंपनियों ने गैस मार्केटिंग के नियमों में हाल में हुए बदलाव के बाद अपने केजी-डी6 ब्लॉक से नेचुलर गैस की बिक्री के लिए प्रस्तावित नीलामी को स्थगित कर दिया।  

उन्होंने एक नोटिस में कहा कि बोली प्रक्रिया को अगली सूचना तक निलंबित कर दिया गया है। इसमें निलंबन का कारण नहीं बताया गया है, लेकिन उद्योग सूत्रों ने कहा कि यह कदम सरकार द्वारा नए नियम लाए जाने के बाद उठाया गया है। ये नियम नेचुरल गैस की बिक्री पर मार्जिन को सीमित करते हैं। 

अंबानी और सरकार के बीच पहले से ही इससे जुड़े एक मुद्दे पर ठनी हुई है। यह मामला केजी-डी6 बेसिन से गैस एक्सप्लोरेशन से जुड़ी कॉस्ट रिकवरी से संबंधित है। रिलायंस ने इस मामले में सरकार को इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल में घसीटा था। ब्रिटेन की बीपी एक्सप्लोरेशन और कनाडा की निको रिसोर्सेज गैस उत्पादन में रिलायंस की साझीदार कंपनियां हैं।  

सरकार के मुताबिक इन कंपनियों ने केजी बेसिन से लक्ष्य से कम गैस का उत्पादन किया। इस कारण सरकार ने उन्हें एक्सप्लोरेशन कॉस्ट देने से इनकार कर दिया था। रिलायंस ने इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन शुरू किया था। सरकार ने इसे रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी लेकिन कोर्ट ने हाल में इसे खारिज कर दिया था। 

रिलायंस ने साल 2009 में केजी-डी6 ब्लॉक के धीरूभाई अंबानी-1 और 3 गैस फील्ड्स से गैस का उत्पादन शुरू किया था लेकिन एक साल बाद ही प्रॉडक्शन में कमी आने लगी। कंपनी ने फरवरी 2020 में इस ब्लॉक से गैस उत्पादन बंद कर दिया। सरकार का कहना था कि कंपनी ने मंजूर डेवलपमेंट प्लान के मुताबिक काम नहीं किया। सरकार ने तीन अरब डॉलर से अधिक एक्सप्लोरेशन कॉस्ट देने से इनकार कर दिया। कंपनी ने इसका विरोध किया और सरकार को आर्बिट्रेशन में घसीट लिया। 

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