मार्च तक खुदरा महंगाई घटकर आ सकती है पांच फीसदी तक, मिलेगी राहत

मुंबई- पिछले दो माह से लगातार कम होती महंगाई की दर में आगे और गिरावट आने की उम्मीद है। इस साल पहली तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई दर पांच फीसदी पर आ सकती है। यह आरबीआई की ओर से तय की गई महंगाई की ऊपरी सीमा छह फीसदी से भी कम है। एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट से महंगाई दर में भी कमी आ रही है। 

एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट में कहा गया कि मार्च तक खुदरा महंगाई दर गिरकर पांच फीसदी तक पहुंच सकती है। वहीं, जनवरी-मार्च के बीच इसके 4.7 फीसदी रहने का अनुमान है। इसी हफ्ते जारी सरकारी आंकड़ों में बताया गया कि दिसंबर में खुदरा महंगाई दर घटकर 5.72फीसदी रही, जो नवंबर में 5.88 फीसदी थी। इससे पहले लगातार तीन तिमाही तक खुदरा महंगाई दर छह फीसदी से अधिक थी।

भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने रिपोर्ट में बताया कि खुदरा महंगाई दर एक साल के न्यूनतम स्तर 5.72 फीसदी पर पहुंच गई है। इसके साथ स्थितियों में बदलाव होने की वजह से रेपो रेट में आक्रामक वृद्धि भी अब रुक सकती है। उनका कहना है कि ब्याज दरें बढ़ने से अर्थव्यवस्था में मांग कम हो जाती है और इससे महंगाई पर रोक लग जाती है। 

पिछले साल महंगाई को काबू करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रेपो दर में कुल पांच बार बढ़त किया था। इससे रेपो रेट 2.25 फीसदी बढ़कर 6.25 फीसदी हो गया। मई 2022 में यह चार फीसदी पर था। आरबीआई आठ फरवरी को मौद्रिक नीति की बैठक का परिणाम जारी करेगा। इसमें भी एक बार फिर से दरों के बढ़ने की आशंका है। 

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