इस साल 10 लाख टन अरहर की दाल आयात कर सकती है सरकार 

मुंबई- उत्पादन की संभावित कमी की डर से सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने लगभग 10 लाख टन अधिक अरहर दाल आयात करने की अग्रिम योजना बनाई है। इससे घरेलू जरूरत को पूरा किया जाएगा। आवश्यक वस्तुओं विशेष रूप से दाल और प्याज की कीमतों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव द्वारा बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। 

कृषि मंत्रालय के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, फसल वर्ष 2022-23 (जुलाई-जून) में अरहर का उत्पादन पिछले वर्ष के 43.4 लाख टन से कम होकर 38.9 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है। अरहर दाल का सबसे ज्यादा आयात पूर्वी अफ्रीकी देशों से और कुछ म्यांमार से होता है। भारत आवश्यक मात्रा में अरहर दाल का आयात करने में सक्षम होगा, क्योंकि इन देशों में लगभग 11-12 लाख टन उपलब्ध होने का अनुमान है। 

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा, गुलबर्ग इलाकों (कर्नाटक में) में मौसम और सूखे की बीमारी के कारण अरहर दाल के उत्पादन में कमी हो सकती है। इस कमी से निपटने के लिए आयात किया जाएगा। 2021-22 में करीब 7.6 लाख टन अरहर दाल का आयात किया गया था। अरहर दाल के आयात के लिए निजी व्यापारियों से पहले ही चर्चा कर ली गई है। इस हिसाब से दिसंबर 2022 में करीब 2 लाख टन अरहर दाल का आयात किया गया है। 

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