सेमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स ने की 1,728 करोड़ की सीमा शुल्क की चोरी  

नई दिल्ली। सेमसंग को बड़ा झटका लगा है। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सेमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स (एसआईईएल) पर 1728.47 करोड़ की सीमा शुल्क चोरी का आरोप लगाया है। इसने कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा कि कंपनी से ब्याज के साथ उपरोक्त रकम की वसूली क्यों नहीं की जाए। साथ ही कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन के खिलाफ जुर्माना क्यों न लगाया जाए। 

डीआरआई ने सेमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। इसी आधार पर इस सप्ताह के शुरू में नई मुंबई के पास न्हावा सेवा सीमा शुल्क ने नोटिस जारी किया था। गुड़गांव स्थित एसआईईएल और समन किए गए व्यक्तियों को इस मामले में जवाब देने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। डीआरआई ने प्राइस वाटर हाउस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) और एक सहयोगी निदेशक को भी कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। इनसे जांच के दौरान पूछताछ की गई थी।  

पीडब्ल्यूसी को एसआईईएल ने नेटवर्क उपकरण के वर्गीकरण के लिए नियुक्त किया था, जो जांच के दायरे में है। डीआरआई ने नोटिस में पूछा कि आयातित माल का कुल मूल्य 6,72,821 करोड़ रुपए है। उसको बिल ऑफ एंट्री के तहत आयात किया जाना चाहिए, जो कि नहीं किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मामला सेमसंग इंडिया द्वारा रिमोट रेडियो हेड (आरआरएच) से संबंधित गलत घोषणा से जुड़ा है, जो एक नेटवर्किंग डिवाइस है।  

आरआरएच एक छोटा उपकरण है और 4 जी दूरसंचार प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण है। यह मूलरूप से रिलायंस जियो को बेचा जाता था। डीआरआई ने कहा कि यह एक स्वतंत्र उपकरण है और इसलिए इस पर सीमा शुल्क में छूट नहीं दी गई है। सेमसंग की कंपनी ने जनवरी 2018 और जुलाई, 2021 के बीच आरआरएच के आयात के लिए 219 बिलों को मंजूरी दी थी। 

आरआरएच को यूनिट्स में बेचा गया। क्योंकि ये तैयार उत्पाद थे। आरआरएच पर कंपनी ने आगे कोई निर्माण नहीं किया। इन्हें मंजूरी के बाद सीधे रिलायंस जियो को बेच दिया गया था। हालांकि, जांच के तहत बिल में आरआरएच की मात्रा किलोग्राम में घोषित की गई थी। इसके बाद, जुलाई 2021 में डीआरआई ने गुरुग्राम और मुंबई में एसआईईएल से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली। मामले की जांच डीआरआई की मुंबई इकाई कर रही है। 

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