घरेलू कंपनियों में पीई निवेश 42% घटा, भू-राजनीतिक व ब्याज दरों का असर 

मुंबई। घरेलू कंपनियों में प्राइवेट इक्विटी (पीई) निवेश 2022 में 42 फीसदी घटकर 23.3 अरब डॉलर रह गया। यह 2019 में 15.8 अरब डॉलर के निवेश के बाद निचला स्तर है। दिसंबर तिमाही में कुल निवेश 3.61 अरब डॉलर था जो 2021 की तुलना में 67 फीसदी कम था। रिपोर्ट के अनुसार, चौथी तिमाही में कुल 333 सौदे हुए जो तीसरी तिमाही में हुए 443 सौदों की तुलना में 24.8 फीसदी कम थे। 2021 की चौथी तिमाही में 411 सौदों की तुलना में यह 19 फीसदी कम रहा। 

पीई निवेश में कमी मुख्य रूप से भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरों के बढ़ने और पश्चिमी देशों में मंदी की आशंका के कारण आई। इससे वैश्विक निवेशकों ने निवेश में सावधानी बरती। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और परिवहन क्षेत्र में सबसे ज्यादा 66 फीसदी निवेश आया। 

इंटरनेट विशेष क्षेत्र में कुल 528 सौदे 2022 में हुए जबकि 2021 में 556 सौदे हुए थे। मूल्य के लिहाज से इसमें 57.4 फीसदी की कमी दर्ज की गई। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर कंपनियों के निवेश में 46.4 फीसदी की कमी आई। वित्तीय सेवाओं में 34.6 फीसदी, मेडिकल और हेल्थ में 26.4 फीसदी की कमी दर्ज की गई। कुल पीई फंड निवेश में घरेलू पीई फंडों ने पिछले साल 13.7 अरब डॉलर जुटाए जो 2021 में जुटाए गए 5.21 अरब डॉलर से 163 फीसदी अधिक है। 

साल 2022 में खुदरा रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश 6 गुना बढ़कर 49.2 करोड़ डॉलर हो गया। कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में यह 7.7 करोड़ डॉलर था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2021 में कोरोना की वजह से इसमें कमी आई थी, पर पिछले साल इसमें कोरोना का असर कम होने से तेजी आई। हालांकि, 2022 में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में कुल संस्थागत निवेश 20 फीसदी बढ़कर 4.9 अरब डॉलर रहा जो 2021 में 4.08 अरब डॉलर था। कुल निवेश में कार्यालय के लिए 41 फीसदी रकम मिली। आवासीय सेगमेंट में 29 फीसदी घटकर निवेश 65.6 करोड़ डॉलर पर आ गया। 2021 में यह 91.9 करोड़ डॉलर था। 

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