दिसंबर में जेम्स एंड ज्वेलरी निर्यात में आई 21.50% की गिरावट 

मुंबई- यूक्रेन-रूस संघर्ष ने भारत के रत्न और आभूषण (जेम्स एंड ज्वेलरी) निर्यात को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दिसंबर, 2022 में कट एवं पॉलिश डायमंड का कुल निर्यात 21.50 फीसदी गिरकर 10,473 करोड़ रुपये रहा जो 2021 में 13,342 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि, इसी दौरान प्लेन गोल्ड जूलरी का कुल सकल निर्यात 21.31% बढ़कर 2369.74 करोड़ रुपये हो गया, जो 2021 में 1953.46 करोड़ रुपये था। 

भारत का लगभग 40 फीसदी कच्चा हीरा रूस से आयात होता है। यह एक साल में काफी कम हो गया है। इससे भारत से हीरे और हीरे के गहनों का निर्यात प्रभावित हुआ है। जेम्स एंड जूलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के अनुसार, अप्रैल से दिसंबर 2022 के दौरान सोने के कुल गहनों का निर्यात करीब 15 फीसदी बढ़कर 56,984 करोड़ रुपये रहा, जो 2021 में 49,635 करोड़ रुपये था। 

जीजेईपीसी के चेयरमैन विपुल शाह ने कहा, दिसंबर के निर्यात के आंकड़े भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई संबंधी चिंताओं और संभावित मंदी के संदर्भ में रत्न और आभूषण उद्योग द्वारा सामना की जाने वाली वैश्विक विपरीत परिस्थितियों को दर्शाते हैं। भारत-संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) के परिणामस्वरूप रूस और पूर्वी यूरोप को निर्यात में अंतर को पूरा करने के लिए निर्यात में तेजी से वृद्धि हुई है। 

अप्रैल-दिसंबर, 2022 में जेम्स एवं जूलरी का कुल निर्यात 6.28 फीसदी बढ़कर 2,27,534 करोड़ रुपये रहा है जो कि 2021 में 2,14,087 करोड़ रुपये था। जैसे-जैसे रूस और यूक्रेन युद्ध का समापन होगा, वैसे-वैसे यह उद्योग फिर से अपनी पटरी पर लौट आएगा। मुंबई में पांच दिन तक जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपो में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इस एक्सपो की हमेशा एक समृद्ध विरासत रही है। सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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