पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार से 22 गुना ज्यादा संपत्ति है अदाणी के पास 

मुंबई- पाकिस्तान के पास जितना विदेशी मुद्रा भंडार है, उससे 22 गुना ज्यादा संपत्ति के मालिक अकेले गौतम अडानी (Gautam Adani) हैं। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की बात करें तो उनकी संपत्ति पाकिस्तानी विदेशी मुद्रा भंडार से 16 गुना ज्यादा है। इसमें कोई शक नहीं कि अडानी और अंबानी दुनिया के टॉप-10 अमीरों में शामिल हैं। अडानी तो दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं।  

अंबानी-अडानी की संपत्ति की आज पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार से तुलना यूं ही नहीं हो रही है। दरअसल, पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार इन दिनों चर्चा में है। पॉजिटिव बात के लिए नहीं बल्कि निगेटिव बात के लिए। पाकिस्तान के पास केवल तीन हफ्ते के आयात के लायक ही विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। यह बताता है कि पाकिस्तान की इकनॉमी (Pakistan’s economy) किस स्थिति से गुजर रही है। गौतम अडानी की संपत्ति 126.8 अरब डॉलर है। वहीं, मुकेश अंबानी की संपत्ति 91.4 अरब डॉलर है। वे दुनिया के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। 

पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार इस समय 8 साल के निचले स्तर पर है। इकनॉमी को बिखरने से बचाने के तमाम प्रयासों के बावजूद यह हालत है। दिसंबर 2022 को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) का भंडार गिरकर 5.576 अरब डॉलर पर आ गया। जनवरी 2022 में यह 16.6 बिलियन डॉलर पर था। इसका मतलब है कि पाक का विदेशी मुद्रा भंडार एक साल में 11 अरब डॉलर गिर गया। 

पाकिस्तानी मीडिया साइट डॉन के अनुसार, पाकिस्तानी विदेशी मुद्रा भंडार से 245 मिलियन डॉलर बाहरी कर्ज के पुनर्भुगतान में खर्च हो गए। मुद्रा भंडार में आई इस भारी गिरावट से सरकार के पास इसके विदेशी कर्ज को चुकाने के लिए रकम ही नहीं बची है। पाकिस्तान को विदेशी कर्ज चुकाने के लिए भी अपने मित्र देशों से उधार लेना होगा। पाकिस्तान के पास अब केवल तीन दिन के आयात के लायक ही पैसे बचे हैं। 

पाकिस्तान में महंगाई भी दशकों के उच्च स्तर पर है। यही नहीं, यह राजनीतिक संकट और ऊर्जा संकट से भी जूझ रहा है। पाकिस्तान ने पहले अपने मित्र देशों चीन और सऊदी अरब से वित्तीय मदद प्राप्त की थी। लेकिन विश्लेषकों के अनुसार अब ये देश तब तक रुके हुए हैं, जब तक पाकिस्तान को आईएमएफ की एनओडी नहीं मिल जाती। 

पाकिस्तान के कराची पोर्ट पर हजारों शिपिंग कंटेनर्स इसलिए अटके हुए हैं, क्योंकि बैंक्स इनके लिए फॉरेन एक्सचेंज पेमेंट्स की गारंटी नहीं ले पा रहे हैं। इन कंटेनर्स में समय के साथ खराब होने वाले खाद्य पदार्थ और चिकित्सा उपकरण भी रखे हुए हैं। पाकिस्तान के लिए दवा, भोजन और ऊर्जा जैसी वस्तुओं के लिए भुगतान करना बड़ी चिंता का विषय बन गया है। 

पाकिस्तान के शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों और गौतम अडानी की संपत्ति की तुलना भी बड़ी दिलचस्प है। गौतम अडानी ने साल 2022 में जितनी कमाई की, वह पाकिस्तानी शेयर बाजार में मौजूद रकम से भी अधिक है। साल 2022 में हुई गौतम अडानी की कमाई पाकिस्तानी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप से भी अधिक है। पाकिस्तानी स्टॉक एक्सचेंज का एम-कैप करीब 30 अरब डॉलर है।  

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