भारत अधिक पारदर्शी अर्थव्यवस्था वाला देश, अब ज्यादा लोग दे रहे हैं टैक्स 

मुंबई- भारत अब एक अधिक पारदर्शी अर्थव्यवस्था है। लोगों को करों का भुगतान करने की आदत हो रही है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने पिछले आठ वर्षों में जीएसटी सहित जो भी आर्थिक सुधार किया, उसने अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया है। इसका असर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के मजबूत संग्रह पर भी दिखा है। 

गोयल ने कहा, भारत विकसित हो रहा है। पिछले आठ वर्षों में हुए कई संरचनात्मक परिवर्तनों का भारतीय अर्थव्यवस्था के अगले 25 वर्षों में आगे बढ़ने के तरीके पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। व्हार्टन इंडिया इकोनॉमिक फोरम में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उन्होंने कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) भी एक महत्वपूर्ण सुधार था। इसने भारत में मजबूत बैंकिंग प्रणाली को जन्म दिया था। सामूहिक रूप से, ये बैंक उद्योग और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए संसाधन प्रदान करने में सक्षम हैं। 

गोयल ने कहा कि निजीकरण और अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण किया गया। साथ ही कानूनों का गैर-अपराधीकरण और व्यापार करने में आसानी के लिए अनुपालन को सरल बनाने जैसे सुधार किए गए हैं। इन सुधारों ने भारत को अगले 25 वर्षों के लिए तैयार किया है। हम भारतीय अर्थव्यवस्था को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में देखने की उम्मीद करते हैं। 

गोयल ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कुछ प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान भारत में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर है। निजी क्षेत्र भी भारत की बुनियादी ढांचे में योगदान दे रहा है। आत्मनिर्भर भारत योजना को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। कहा, सरकार ने भारतीय निर्माताओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, निवेश आकर्षित करने और निर्यात बढ़ाने पर फोकस किया है। भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं शुरू कीं। 

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