हैदराबाद के सत्या नडेला को मिलती है 300 करोड़ रुपये से ज्यादा सैलरी 

मुंबई- माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और CEO सत्या नडेला इन दिनों भारत आए हुए हैं। वह चार दिन की यात्रा पर हैं। अभी हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। सत्या नडेला ने भारत की तारीफ की है। सत्या नडेला भारतीय मूल के अमेरिकी बिजनेस एक्जीक्यूटिव हैं। सत्या नडेला को साल 2014 में माइक्रोसॉफ्ट का सीईओ बनाया गया था। सत्या नडेला कंपनी के उन कर्मचारियों में से एक थे, जिन्होंने फर्म को क्लाउड कंप्यूटिंग के बारे में सजेशन दिया था।  

सत्या नडेला मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले हैं। उनका जन्म 19 अगस्त 1967 में हैदराबाद में हुआ था। सत्या के पिता का नाम बुक्कपुरम नडेला युगंधर और माता का नाम प्रभाती युगंधर है। इनकी पत्नी का नाम अनुपमा नडेला है। नडेला ने साल 1992 में माइक्रोसॉफ्ट जॉइन किया था। सत्या नडेला दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के 38 साल के इतिहास में तीसरे सीईओ (CEO) हैं। सत्या से पहले CEO का पद केवल स्टीव बामर और कंपनी के संस्थापक बिल गेट्स के पास था। 

सत्य नडेला दुनिया में सबसे अधिक सैलरी पाने वाले अधिकारियों में से एक हैं। सत्या नडेला की सैलरी जानकार आप दंग रह जाएंगे। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, साल 2020 में सत्या नडेला का की सैलरी करीब 17 करोड़ रुपये थी। सत्या को अपनी सैलरी के अलावा 71 करोड़ रुपये का नकद बोनस भी मिलता है। अपने वेतन और बोनस के अलावा, सत्या नडेला को 220 करोड़ रुपये के स्टॉक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इक्विटी अवार्ड और बोनस को मिलाने के बाद, सत्या नडेला की सैलरी देखें तो ये करीब 308 करोड़ रुपये है। 

नडेला ने माइक्रोसॉफ्ट के ऑनलाइन सर्विसेज, विज्ञापन, सॉफ्टवेयर, गेमिंग इन सब पर काफी काम किया है। सत्या ने वास्तव में दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कम्पनी को नई दिशा दी है। माइक्रोसॉफ्ट की गेमिंग सर्विस आज पूरी दुनिया में काफी फेमस है और इसका क्रेडिट सत्या को जाता है। सत्या के कार्यकाल के दौरान माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों की कीमत में सात गुना से अधिक इजाफा हुआ है। सत्या को ‘क्लाउड गुरु’ भी कहा जाता है। 

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