टैक्स ज्यादा कट रहा है तो इस उपाय को आजमाइए, बचेंगे आपके पैसे 

मुंबई- हर बार नया साल आते ही लोग अपने आप से कई वादे करते हैं। लोग नए साल पर कई प्लान बनाते हैं। हालांकि इनमें से किए गए कई वादे कभी पूरे नहीं होते हैं। लेकिन टैक्स से जुड़ी कई ऐसी अहम बाते होती हैं, जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।  

करदाताओं द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न से पता चलता है कि बहुत से लोग धारा 80 के तहत कटौती की सीमा का पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं करते हैं। इससे मेहनत की कमाई पर बिना किसी वजह के ही टैक्स छूट जाता है। ऐसे में जरूरी है कि आप निवेश की योजना बनाएं। इससे आप अपनी कर योग्य आय को 5 लाख से 6 लाख रुपये तक कम करने के लिए टैक्स सेविंग ऑप्शन का दावा कर सकेंगे। इसमें धारा 80C (अधिकतम 1.5 लाख रुपये), धारा 80CCD(1b) ( अधिकतम 50,000 रुपये), धारा 80डी (अधिकतम 75,000-1,00,000 रुपये) और धारा 24 (अधिकतम 2 लाख रुपये) है। 

कोविड के डर के बाद शेयर बाजारों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर आपके शेयरों और इक्विटी फंडों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। आपको बढ़िया रिटर्न मिला है, तो अपने भविष्य के टैक्स को कम करने के लिए 1 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हासिल करें। एक वित्तीय वर्ष में शेयरों और इक्विटी- ओरिएंटेड फंडों से 1 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स फ्री होता है।  

हालांकि आपको टैक्स फ्री रिटर्न हासिल करने के लिए 31 मार्च से पहले मुनाफा बुक करना होगा। समान स्टॉक और इक्विटी फंड को फिर से खरीदा जा सकता है, लेकिन कर गणना के लिए उनके अधिग्रहण की कीमत उच्च स्तर पर रीसेट हो जाएगी। इक्विटी फंड के लिए भी यही रणनीति अपनाई जा सकती है।  

कई टैक्सपेयर्स अपने इंट्रेस्ट या डिविडेंड इनकम की रिपोर्ट नहीं करते हैं। असल में ये गलत धारणा के तहत है कि अगर टीडीएस काट लिया गया है, तो कोई टैक्स देय नहीं है। लेकिन टीडीएस केवल 10% है, जबकि ब्याज और डिविडेंड दोनों पर आप पर लागू सामान्य दर से टैक्स लगाया जाता है। अगर आपने बांड, एनएससी या बैंक जमा में निवेश किया है, या डिविडेंड हासिल किया है, तो सुनिश्चित करें कि आप देय तिथि तक इन इनकम पर टैक्स का भुगतान कर दें। ये सभी इनकम आपके वार्षिक सूचना विवरण (एआईएस) में दिखाई देंगी। इसलिए आपके दायित्व से बचने का कोई तरीका नहीं है। साथ ही, ध्यान रखें कि भुगतान न किए गए टैक्स में देरी पर हर महीने 1% का जुर्माना लगता है। 

एनुअल इंफार्मेशन स्टेटमेंट यानी एआईएस में फाइनेंशियल ईयर के दौरान आपके सभी वित्तीय लेनदेन का डिटेल होता है। इसमें इनकम (सैलरी, पेशा, किराया, ब्याज और डिविडेंड) के साथ-साथ खर्च (विदेशी मुद्रा, नकद में 50,000 रुपये से अधिक सोने की खरीद और कार्ड द्वारा 2 लाख रुपये) और निवेश (म्यूचुअल फंड, स्टॉक, बॉन्ड) का डिटेल होगा। इसमें आपके नियोक्ता द्वारा आपकी ओर से भुगतान किए गए कर और दूसरों द्वारा काटे गए टीडीएस की भी जानकारी होती है। ऐसे में आप अपने एआईएस की जांच जरूर करें और देखें की आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का डिटेल सही है या नहीं। 

फॉर्म 26एएस आपका टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट है और इसमें आपकी ओर से काटे गए टीडीएस और आपके द्वारा चुकाए गए टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) का ब्योरा होता है। आयकर विभाग के पोर्टल या अपने नेटबैंकिंग खाते के माध्यम से अपने फॉर्म 26एएस की जांच करें और देखें की क्या टीडीएस और टीसीएस कटौती सही तरीके से भरा है या नहीं। ऐसे में अगर कुछ टीडीएस या टीसीएस आपको क्रेडिट नहीं किया गया है, तो आपको कटौतीकर्ता से तुरंत संपर्क करना चाहिए। फॉर्म 26एएस की समय-समय पर जांच से यह सुनिश्चित होगा कि टैक्स फाइलिंग के समय आपको परेशान नहीं होना पड़ेगा। 

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