2021 की तुलना में 2022 में नए घरों की बिक्री में 50% की वृद्धि: प्रोपटाइगर 

मुंबई- भारत में रेजिडेंशियल रियल एस्टेट की बिक्री 2021 के स्तर से आगे निकल चुकी है, जिसमें 50 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज हुई है। वर्ष 2022 के दौरान नई लॉन्चिंग और ज्यादा मजबूत हुई और इस कैलेंडर वर्ष में 101% की सालाना वृद्धि दर्ज करते हुए कुल 4,31,510 नए घर लॉन्च किये गए। यह तथ्य देश के प्रमुख ऑनलाइन रियल एस्टेट ब्रोकरेज कंपनी, प्रोपटाइगर डॉटकॉम की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है। 

रियल इनसाइट रेजिडेंशियल एनुअल राउंड-अप 2022 (जनवरी-दिसम्बर) शीर्षक से जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में बिके 2,05,940 यूनिट्स की तुलना में वर्ष 2022 में कुल 3,08,940 यूनिट्स की बिक्री हुई है। इन आँकड़ों में अहमदाबाद, बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, दिल्ली-एनसीआर (गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाज़ियाबाद और फरीदाबाद), एमएमआर (मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे) तथा पुणे सहित शीर्ष आठ शहरों के लिए दोनों कैलेंडर वर्षों में सभी चार तिमाहियों की बिक्री की संख्याएँ शामिल हैं। 

2022 के आँकड़े और अंतर्दृष्टि बताती है कि साल की सभी चार तिमाहियों में क्रमिक और वार्षिक, दोनों स्तर पर माँग बढ़ी है। पश्चिमी शहर, मुंबई और पुणे में लगातार अधिकतम संकर्षण बना रहा, जिसके कारण 2022 में समग्र बिक्री में इनकी संयुक्त हिस्सेदारी 56 प्रतिशत रही। 

बिक्री का एक बड़ा हिस्सा (26 प्रतिशत) 4575 लाख रुपये के प्राइस रेंज में संकेन्द्रित था। उल्लेखनीय रूप से, 1 करोड़ रुपये से अधिक की मूल्य सीमा में यूनिट्स की हिस्सेदारी लगातार बढ़ती रही है। इस मूल्य वर्ग ने वर्ष 2022 में 22 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की, जो दशक में सबसे ज्यादा है। 2022 में बेची गई 21 प्रतिशत यूनिट्स हस्तांतरण के लिए तैयार थीं, जबकि 79 प्रतिशत यूनिट्स निर्माणाधीन थीं। 

2022 की चौथी तिमाही में रेजिडेंशियल डिमांड 2021 के महामारी-पूर्व स्तरों के समतुल्य थी। 2022 की अंतिम तिमाही में बिकी 80,770 यूनिटों के साथ माँग में 2021 की चौथी तिमाही पर 19 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई। जबकि प्रॉपर्टी की कीमतों और ब्याज दरों में वृद्धि धीरे-धीरे एक सीमा तक घर के खरीदारों के सकारात्मक रुख से अधिक होने लगी हैं और उम्मीद है कि इनका अल्पकालिक प्रभाव होगा, वहीं उपभोक्ताओं का समग्र दृष्टिकोण लगातार सकारात्मक बना हुआ है। 

वैश्विक महामारी के बाद उपभोक्ताओं के बीच घर के स्वामित्व के प्रति नजरिए में स्पष्ट बदलाव ने हितधारकों का आत्मविश्वास बढ़ाया और भारत के शीर्ष के शहरों में 2022 के पूरे साल में नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने के लिए रियल एस्टेट निर्माताओं को प्रोत्साहित किया। 

2022 में अधिकतम नई आपूर्ति 1-3 करोड़ रुपये के मूल्य वर्ग में केन्द्रित था, जिसकी हिस्सेदारी कुल लॉन्चिंग में 28 प्रतिशत थी। आईएनआर 45-75 लाख मूल्य सीमा में यूनिटों ने भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी (27 प्रतिशत) दर्ज की। 2022 की चौथी तिमाही में 1,45,030 यूनिट्स लॉन्च की गईं जिनकी सालाना वृद्धि 95 प्रतिशत है। 2022 में नए लॉन्चिंग लगातार तीसरी तिमाही के लिए 1,00,000 के ऊपर बना रहा है। 

हाऊसिंग डॉटकॉम प्रोपटाइगर डॉटकॉम और मकान डॉटकॉम के ग्रुप सीएफओ, श्री विकास वाधवानने कहा कि, “उद्योग की अनगिनत चुनौतियों के बावजूद, इस साल घरों की बिक्री ने मजबूत वापसी की है। उल्लेखनीय है कि उद्योग में उच्चतर माँग और अनुकूल रुख दिखाई दे रहा है। होम लोन की ब्याज दरों में लगातार बृद्धि के बावजूद ग्राहकों ने बंधक ब्याज दरों से घबराने के बजाए कमतर कीमतों में दिलचस्पी दिखाई है। यह हमारे कंज्‍यूमर सेंटिमेंट सर्वे से भी स्पष्ट होता है जिसने दर्शाया है कि अर्थव्यवस्था और 2022 के दौरान उनके भावी कमाई के विषय में घर खरीदारों का रुख सकारात्मक बना रहा है।” 

वाधवान ने आगे कहा कि, “यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि हाउसिंग, ऑफिस, रिटेल, वेयरहाउस, डाटा, सेंटर्स, को-वर्किंग, और को-लिविंग सहित विभिन्न सेग्मेंट्स में मजबूत वृद्धि दिख रही है। रेरा व्यवस्था के बाद भारतीय संपत्ति में एनआरआई की माँग भी बढ़ी है और टियर-2 शहरों में भी मजबूती आई है।” 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *