गैर-पंजीकृत लोग रद्द अनुबंधों के लिए कर सकते हैं रिफंड का दावा

मुंबई- गैर-पंजीकृत जीएसटी पोर्टल पर अस्थायी पंजीकरण प्राप्त करके रद्द किए गए अनुबंधों या बीमा पॉलिसियों की समयपूर्व समाप्ति के लिए माल और सेवा कर रिफंड का दावा कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा, ऐसे लोगों के लिए जीएसटी पोर्टल पर एक नई व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, आवेदन करने वालों को अपने पैन का उपयोग करके सामान्य पोर्टल पर एक अस्थायी पंजीकरण प्राप्त करना होगा। 

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक सर्कुलर में कहा कि उसे गैर-पंजीकृत खरीदारों को अनुबंध रद्द होने की स्थिति में उनके द्वारा वहन किए गए कर की राशि की वापसी का दावा करने के लिए एक सुविधा प्रदान करने का अनुरोध प्राप्त हुआ था। यह आवेदन ऐसे मामलों में जहां फ्लैट/बिल्डिंग के निर्माण की सेवाओं की आपूर्ति के लिए अनुबंध रद्द कर दिया गया है या जहां दीर्घकालिक बीमा पॉलिसी समाप्त कर दी गई है, उसके लिए मिला था। सीबीआईसी ने कहा, गैर-पंजीकृत करदाता संबंधित तिथि के दो साल के भीतर रिफंड के लिए आवेदन फाइल कर सकते हैं। 

जीएसटी परिषद ने 17 दिसंबर को अपनी 48वीं बैठक में ऐसे मामलों में गैर-पंजीकृत खरीदारों द्वारा धनवापसी के लिए आवेदन दाखिल करने की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए एक परिपत्र जारी करने के साथ सीजीएसटी नियमों में संशोधन की सिफारिश की थी। 

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