5 साल में 7,000 करोड़ का होगा एयरबैग उद्योग, अक्तूबर से 6 एयरबैग जरूरी 

मुंबई- गाड़ियों में सुरक्षा के लिहाज से लगने वाले एयरबैंग का आकार वित्त वर्ष 2027 तक 7,000 करोड़ रुपये का हो सकता है। फिलहाल यह 2,500 करोड़ रुपये का है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने मंगलवार को रिपोर्ट में कहा कि गाडियों के कलपुर्जों में सबसे तेजी से वृद्धि इसी सेगमेंट की है। हाल में अगले साल एक अक्तूबर से गाड़ियों में 6 एयरबैंग अनिवार्य किए जाने से इसकी बिक्री में तेजी आ सकती है। 

इक्रा ने कहा, अभी एक गाड़ी पर एयरबैग का खर्च तीन से चार हजार रुपये आता है। एक अक्तूबर के बाद यह खर्च 8-10 हजार रुपये हो सकता है। फिलहाल एक कार में औसत तीन एयरबैग होते हैं। ऐसे में इस सेगमेंट में सालाना 25-30 फीसदी चक्रवृद्धि की दर से वृद्धि होने का अनुमान है। 

रेटिंग एजेंसी ने बताया कि जुलाई 2019 से केवल एक एयरबैग प्रति कार (ड्राइवर एयरबैग) अनिवार्य था। यह बाद में आठ यात्रियों वाले वाहन और जिनका वजम 3.5 टन से कम है, उनके लिए बढ़कर दो हो गया था। कई कंपनियों ने अपनी सुविधाओं को धीरे-धीरे बढ़ाने के लिए पिछले 6-8 महीनों से क्षमता वृद्धि शुरू कर दी है। अगले 12-18 महीनों में क्षमता वृद्धि पर 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। 

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